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नई दिल्ली। कोरोना महामारी के खिलाफ पूरी दुनिया में जंग जारी है। हर कोई इसी बात के इंतजार में है कि इस घातक संक्रमण का कारगर इलाज बनाने वाली वैक्सीन कब आएगी। भारत समेत कई देशों में ट्रायल चल रहे हैं और सब कुछ उम्मीद के मुताबिक रहा तो नए साल के शुरू में कोरोना की कारगर वैक्सीन आ जाएगी। इसके बाद टीके लगाने का काम शुरू होगा। इस बीच कोरोना संक्रमण को लेकर अनुसंधान का काम जारी है। हाल ही में की गई एक स्टडी में ‘ठंड के दौरान कोरोना वायरस के व्यवहार’ को लेकर कुछ नई जानकारियां सामने आई हैं, जिन्हें जानना हमारे लिए जरूरी है-
मेडिकल जर्नल बायोकेमिकल एंड बायोफिजिकल रिसर्च कम्युनिकेशंस में प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि तापमान में गिरावट के साथ ही विभिन्न सतहों पर कोरोना वायरस लंबे समय तक जीवित रहेगा। वैज्ञानिकों ने कांच पर कोरोना वायरस के असर का अध्ययन किया है। सामान्य तापमान और कम तापमान को लेकर किए गए अध्ययन में पाया गया है कि सर्दी के मौसम में वायरस लंबे समय तक सक्रिय रहता है।
नमी वाली सतहों से रहें सावधान
वैज्ञानिकों ने लोगों को नमी वाली सतहों से सावधान रहने की सलाह दी है सर्दी के मौसम में कोरोना से बचाव संबंधी सावधानियां बरतना ज्यादा जरूरी होता है। सार्वजनिक स्थानों पर अनावश्यक रूप से सतहों को नहीं छूने से बचें। बच्चे और 65 साल से अधिक उम्र के लोग घर से बाहर जाते समय मास्क और ग्लब्स का इस्तेमाल करें. वहीं सैनीटाइजर का समय समय पर इस्तेमाल करें। एक सलाह यह भी दी जाती है कि जहां तक संभव हो, खिड़कियां खुली रखें। अमेरिका से जारी एक रिपोर्ट के अनुसार जहां वेंटिलेशन नहीं है, वहां कोरोना का खतरा अधिक है। आमतौर पर बार और रेस्त्रां में वेंटिलेशन बहुत अच्छा नहीं होता है, ऐसे में थोड़ा जागरूक रहना जरूरी है।
निमोनिया के लक्षण दिखाई दे तो करवाएं जांच
ठंड के दिनों में सर्दी जुकाम आम बात है। इन दिनों लोग बड़ी संख्या में निमोनिया का शिकार हो जाते हैं। यदि निमोनिया के लक्षण दिखाई दें, तो इसे हल्के में न लें। डॉक्टर को दिखाएं और जरूरी हो तो कोरोना की जांच करवाएं. वैसे कोरोना वायरस की सबसे खतरनाक बात यह है कि इसके लक्षण देरी से नजर आते हैं।
प्रदूषण से दूर रहें
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की एक रिपोर्ट के अनुसार लंबे समय तक प्रदूषण के प्रभाव में रहने से कोविड-19 से मौत का खतरा बढ़ सकता है। वहीं सर्दी के दिनों में प्रदूषण का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे में प्रदूषण से बचने के तमाम उपाय भी किए जाने चाहिए।
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