
यूनिक समय, नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में सोमवार की सुबह एक बार फिर भूकंप के झटकों ने लोगों की नींद उड़ा दी। दिल्ली-NCR में सुबह 8 बजकर 44 मिनट पर आए इस भूकंप के कारण दफ्तर जाने की तैयारी कर रहे और घरों में मौजूद लोगों के बीच अचानक अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, तीव्रता कम होने के कारण अब तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन बार-बार आ रहे इन झटकों ने सुरक्षा एजेंसियों और वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है।
उत्तर दिल्ली था भूकंप का केंद्र
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के आंकड़ों के मुताबिक, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.8 मापी गई। विशेष बात यह है कि इस बार भूकंप का केंद्र कहीं और नहीं बल्कि उत्तर दिल्ली ही था। जमीन के नीचे महज 5 किलोमीटर की गहराई पर हलचल होने के कारण लोगों को कुर्सी, मेज और पंखे हिलते हुए साफ महसूस हुए। कई इलाकों में लोग डर के मारे अपने अपार्टमेंट्स और घरों से खुले मैदानों की तरफ भागते नजर आए।
एक हफ्ते में दूसरा झटका
दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से भूकंप की आवृत्ति बढ़ी है। इससे पहले बीते बुधवार, 14 जनवरी को भी राजधानी क्षेत्र में तेज झटके महसूस किए गए थे। उस वक्त भूकंप का केंद्र हरियाणा का सोनीपत (गोहाना) था और उसकी तीव्रता 3.4 दर्ज की गई थी। एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार धरती का हिलना विशेषज्ञों के लिए शोध का विषय बना हुआ है।
भू-वैज्ञानिकों का मानना है कि छोटे-छोटे झटके इस बात का संकेत होते हैं कि जमीन के नीचे फॉल्ट लाइन्स में तनाव बढ़ रहा है। चूंकि दिल्ली-एनसीआर भूकंपीय जोन-4 (High Damage Risk Zone) में आता है, इसलिए यहां बड़े भूकंप की संभावना हमेशा बनी रहती है।
प्रशासन अलर्ट, विशेषज्ञों की सलाह
भूकंप के तुरंत बाद आपदा प्रबंधन एजेंसियां (NDMA) सक्रिय हो गईं और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने लोगों से पैनिक न करने की अपील की है, लेकिन साथ ही सतर्क रहने को भी कहा है। विशेषज्ञों की सलाह है कि भूकंप के समय लिफ्ट का प्रयोग न करें और मजबूत मेज या फर्नीचर के नीचे शरण लें। फिलहाल, दिल्ली और आसपास के शहरों में जनजीवन सामान्य है, लेकिन सुबह के इस झटके ने लोगों के मन में डर जरूर पैदा कर दिया है।
नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
Leave a Reply