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BCCL IPO Listing: शेयर बाजार में ‘भारत कोकिंग कोल’ की धमाकेदार एंट्री, निवेशकों का पैसा पहले ही दिन हुआ लगभग डबल!

by Tarun Bhardwaj • January 19, 2026
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यूनिक समय, नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में आज ‘भारत कोकिंग कोल लिमिटेड’ (BCCL) के शेयरों ने अपनी लिस्टिंग के साथ ही तहलका मचा दिया है। कोल इंडिया की इस दिग्गज सब्सिडरी कंपनी के आईपीओ को निवेशकों का जो “धांसू” रिस्पांस मिला था, वह आज लिस्टिंग के दौरान मुनाफे के रूप में तब्दील हो गया। ₹23 के आईपीओ प्राइस के मुकाबले कंपनी के शेयर लगभग 96% के प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए, जिससे निवेशकों की संपत्ति लिस्टिंग के पहले कुछ ही मिनटों में दोगुनी होने के करीब पहुंच गई।

कैसा रहा लिस्टिंग का सफर?

बीएससी (BSE) पर भारत कोकिंग कोल के शेयर ₹45.21 और एनएससी (NSE) पर ₹45.00 पर लिस्ट हुए। इसका मतलब है कि जिन भाग्यशाली निवेशकों को आईपीओ में शेयर अलॉट हुए थे, उन्हें प्रति शेयर लगभग ₹22 का सीधा फायदा मिला। हालांकि, बाजार की अस्थिरता के चलते शुरुआती उछाल के बाद कीमतों में मामूली गिरावट देखी गई और शेयर टूटकर ₹41.92 के स्तर पर आ गया। इस गिरावट के बावजूद आईपीओ निवेशक अभी भी 82.26% के शानदार मुनाफे पर बैठे हैं। कंपनी के कर्मचारियों के लिए यह खुशी और भी बड़ी है क्योंकि उन्हें हर शेयर पर ₹1 का अतिरिक्त डिस्काउंट मिला था।

निवेशकों ने दिखाया था अटूट भरोसा

भारत कोकिंग कोल के ₹1,071 करोड़ के आईपीओ पर निवेशकों ने जबरदस्त उत्साह दिखाते हुए अपना अटूट भरोसा जताया है। 9 से 13 जनवरी तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुले इस आईपीओ को बाजार में हाथों-हाथ लिया गया, जिसका प्रमाण इसके आंकड़ों में साफ झलकता है। यह आईपीओ कुल मिलाकर 143.85 गुना सब्सक्राइब हुआ, जिसमें अलग-अलग श्रेणियों में निवेशकों की भारी भीड़ उमड़ी। संस्थागत निवेशकों (QIB) का हिस्सा सबसे अधिक 310.81 गुना भरा, जबकि गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की श्रेणी 240.49 गुना सब्सक्राइब हुई। इसके अलावा, खुदरा निवेशकों ने इस इश्यू को 49.37 गुना और मौजूदा शेयरधारकों ने 87.20 गुना भरकर इसे एक सफल सार्वजनिक निर्गम बना दिया।

विशेष रूप से कोल इंडिया के उन शेयरहोल्डर्स के लिए ₹107 करोड़ का हिस्सा आरक्षित था, जिनके पास 1 जनवरी 2026 से पहले के शेयर थे। यह पूरा इश्यू ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) था, जिसका अर्थ है कि कंपनी की प्रमोटर ‘कोल इंडिया’ ने अपनी 10% हिस्सेदारी बेची है और आईपीओ का सारा पैसा सीधा कोल इंडिया के पास गया है।

देश के कोकिंग कोल उत्पादन की रीढ़ है BCCL

वर्ष 1972 में स्थापित भारत कोकिंग कोल, कोल इंडिया की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है। यह मुख्य रूप से झारखंड के झरिया और पश्चिम बंगाल के रानीगंज क्षेत्रों में कोयला खनन का कार्य करती है। वित्त वर्ष 2025 में देश के कुल कोकिंग कोल उत्पादन में इस कंपनी की 58.50% हिस्सेदारी थी। कंपनी के पास 34 ऑपरेशनल माइन्स हैं। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने ₹1,564 करोड़ का शुद्ध मुनाफा कमाया था। हालांकि, वित्त वर्ष 2025 में यह मुनाफा ₹1,240 करोड़ रहा। चालू वित्त वर्ष (2026) की पहली छमाही में कंपनी ने ₹123.88 करोड़ का शुद्ध लाभ और ₹6,311.51 करोड़ की कुल आय अर्जित की है।

कोल इंडिया की योजना अपनी सभी सब्सिडरीज को वित्त वर्ष 2030 तक शेयर बाजार में लिस्ट कराने की है, और BCCL की यह सफल लिस्टिंग उस दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुई है।

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