
यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्सिंग व्यवस्था में पारदर्शिता और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने “उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS)” के गठन को मंजूरी दी है। यह निगम राज्य में आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी में सुरक्षा, समय पर वेतन, सामाजिक सुरक्षा और श्रम अधिकार सुनिश्चित करेगा।
क्या है इसका लाभ?
- SC, ST, OBC, EWS के लिए आरक्षण: प्रस्तावित निगम के माध्यम से की जाने वाली सभी भर्तियों में इन वर्गों को आरक्षण मिलेगा।
- महिलाओं को प्राथमिकता: तलाकशुदा, निराश्रित और परित्यक्ता महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
- दिव्यांग और पूर्व सैनिकों को लाभ: नियुक्तियों में दिव्यांगजन और पूर्व सैनिकों को भी आरक्षण का लाभ मिलेगा।
- नियमित वेतन और लाभ: सभी कर्मचारियों को हर महीने की 5 तारीख तक वेतन सीधे बैंक खाते में भेजा जाएगा। EPF और ESIC जैसे सामाजिक सुरक्षा लाभ भी समय से दिए जाएंगे।
- रेगुलेटरी निगरानी: निगम एक नियामक संस्था के रूप में कार्य करेगा, जो आउटसोर्स एजेंसियों की निगरानी करेगा। नियमों के उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई जैसे ब्लैकलिस्टिंग और दंड का प्रावधान होगा।
- चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता: जेम पोर्टल के माध्यम से कम से कम तीन वर्षों के लिए एजेंसियों का चयन होगा और वर्तमान कर्मचारियों की सेवाएं बाधित नहीं होंगी। उनके अनुभव को चयन प्रक्रिया में महत्व मिलेगा।
- स्थानीय समिति गठन: मंडल और जिला स्तर पर समितियों का गठन कर निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
- अनुशासन और स्थायित्व: बिना सक्षम अधिकारी की संस्तुति के किसी कर्मचारी को सेवा से नहीं हटाया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रत्येक कर्मचारी की गरिमा, अधिकार और सामाजिक सुरक्षा के लिए संकल्पबद्ध है। इस नई पहल से न केवल लाखों आउटसोर्स कर्मियों को फायदा होगा, बल्कि प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही में भी सुधार होगा।
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