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नोएडा। ग्रेटर नोएडा से जेवर एयरपोर्ट तक चलने वाली पॉड टैक्सी की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार हो गई है। 14 किमी लम्बे इस प्रोजेक्ट पर करीब 860 करोड़ रुपये की लागत आएगी। ग्रेटर नोएडा के 6 सेक्टर भी डबल ट्रैक वाली पॉड टैक्सी के रूट से जुड़ जाएंगे। अथॉरिटी पहले ही अपने बजट में इस प्रोजेकट के लिए 300 करोड़ रुपये मंजूर कर चुकी है। हालांकि ऐसी चर्चा है कि पहले फेज में जेवर एयरपोर्ट से फिल्म सिटी के बीच ही इसे चलाया जाएगा। भारत में पॉड टैक्सी चलाए जाने की यह पहली कोशिश हो रही है।
भारत की इस कंपनी ने तैयार की पॉड टैक्सी की डीपीआर
जानकारों की मानें तो ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के बजट में पॉड के लिए 300 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे। इसके बाद ही केन्द्र सरकार की इंडियन पोर्ट रेल एंड रोपवे कारपोरेशन लिमिटेड कंपनी को इसकी डीपीआर बनाने का काम दिया गया था। कंपनी ने अब डीपीआर तैयार कर अथॉरिटी को सौंप दी है।
जानकारों का कहना है कि डीपीआर को जेवर एयरपोर्ट से लेकर फिल्म सिटी, ग्रेटर नोएडा तक और एयरपोर्ट से लेकर सेक्टर 32 तक दो फेज में बांटा है। जेवर एयरपोर्ट से लेकर फिल्म सिटी का रूट करीब 5 किमी का होगा। वहीं एयरपोर्ट से लेकर सेक्टर 32 लगभग 14 किमी का रूट होगा। यह सभी सेक्टर इंडस्ट्रियल एरिया से जुड़े हुए हैं. मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब से भी जुड़े हुए हैं।
ऐसे चलती है पॉड टैक्सी
पॉड टैक्सी दो तरह से चलती है, एक ट्रैक पर और दूसरा केबल की मदद से हैंगिंग मोड पर। लेकिन भारत में इसे ट्रैक पर चलाए जाने की योजना है। इस ट्रैक पर न तो रेड सिग्नल होगा और न ही जाम लगेगा। हालांकि विदशों में जो पॉड टैक्सी चल रही हैं वो 4 से 6 सीटर हैं, लेकिन भारत में 8 से 10 सीटर टैक्सी चलाए जाने की योजना है।
पॉड टैक्सी पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड होती है. इसमे ड्राइवर नहीं होता है। यह बैटरी से चलती है। लेकिन पॉड टैक्सी की शुरुआत करना कोई आसान काम नहीं है। टैक्सी में बैठने के साथ ही टच स्क्रीन की मदद से जहां आपको उतरना है उस स्टेशन का नाम लिखना होता है। स्टेशन आने पर टैक्सी खुद ही रुक जाएगी. किराए का भुगतान कार्ड से करना होता है।
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