
यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में आधारभूत संरचना को और मजबूत करने के लिए 9 नए एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल गई है। इन परियोजनाओं की कुल लंबाई 2063 किलोमीटर होगी और इन पर लगभग 20,000 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। यह कदम राज्य की परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ औद्योगिक विकास को भी गति देगा।
इन 9 एक्सप्रेसवे में से 7 का निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEDA) द्वारा किया जाएगा, जबकि बाकी दो एक्सप्रेसवे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) बनाएगा।
इन परियोजनाओं से मेरठ, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर जैसे बड़े शहरों को जोड़ने में मदद मिलेगी। UPEDA के सीईओ अवनीश अवस्थी के मुताबिक, सरकार ने सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए ठोस रणनीति बनाई है, जिससे प्रदेशवासियों को जल्द लाभ मिल सके।
ये हैं यूपी के नए प्रस्तावित 9 एक्सप्रेसवे
- लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे – 49.96 किमी (आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा)
- फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे – 90.84 किमी (गंगा एक्सप्रेसवे से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे तक संपर्क)
- जेवर लिंक एक्सप्रेसवे – 74.30 किमी (यमुना एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा, बुलंदशहर होकर)
- झांसी लिंक एक्सप्रेसवे – 118.90 किमी
- विंध्य एक्सप्रेसवे – 320 किमी
- मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे – 120 किमी (उत्तर प्रदेश की सीमा तक)
- चित्रकूट-रीवा लिंक एक्सप्रेसवे – 70 किमी
- गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे – 519 किमी (NHAI द्वारा निर्मित)
- गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे – 700 किमी (NHAI द्वारा निर्मित)
इन सभी परियोजनाओं के पूरा होते ही उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क की कुल लंबाई बढ़कर 4374 किलोमीटर हो जाएगी, जो राज्य के लिए एक नया कीर्तिमान होगा।
वर्तमान में संचालित प्रमुख एक्सप्रेसवे
उत्तर प्रदेश में इस समय 7 एक्सप्रेसवे कार्यरत हैं, जिनमें शामिल हैं।
- नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे (24.53 किमी)
- यमुना एक्सप्रेसवे (165 किमी)
- आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे (302 किमी)
- पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (341 किमी)
- बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे (296 किमी)
- मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे (96 किमी)
इन सभी की कुल लंबाई वर्तमान में 1224.53 किलोमीटर है। इन नए एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के साथ उत्तर प्रदेश न केवल देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे नेटवर्क बनाने की ओर अग्रसर है, बल्कि यह कदम निवेश, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।
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