
यूनिक समय, नई दिल्ली। गाजियाबाद के टीलामोड़ थाना क्षेत्र में एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने ऑनलाइन गेमिंग के जानलेवा प्रभाव और किशोरों की मानसिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ भारत सिटी सोसायटी में रहने वाली तीन सगी नाबालिग बहनों ने अपने फ्लैट की 9वीं मंजिल से कूदकर सामूहिक आत्महत्या कर ली। इस खौफनाक कदम के पीछे का कारण माता-पिता द्वारा उन्हें ऑनलाइन गेम खेलने से मना करना बताया जा रहा है।
रात के सन्नाटे में चीख उठी सोसायटी
घटना मंगलवार देर रात करीब 2:30 बजे की है। मूल रूप से दिल्ली निवासी चेतन कुमार, जो ऑनलाइन ट्रेडिंग का काम करते हैं, पिछले तीन वर्षों से भारत सिटी सोसायटी में किराये पर रह रहे हैं। उनकी तीन बेटियां (उम्र क्रमशः 16, 14 और 12 वर्ष) अपने कमरे में थीं, जबकि चेतन अपनी पत्नी के साथ दूसरे कमरे में सो रहे थे। तभी तीनों बहनों ने अपने कमरे की खिड़की से नीचे मौत की छलांग लगा दी। गिरने की आवाज सुनकर जब तक लोग मौके पर पहुंचे, तीनों की सांसे थम चुकी थीं।
ऑनलाइन गेमिंग की ‘खतरनाक’ लत और पढ़ाई से दूरी
एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि तीनों बहनें पिछले कुछ महीनों से ऑनलाइन गेमिंग की बुरी तरह आदी हो चुकी थीं। कोरोना महामारी के बाद से उनका स्कूल भी रेगुलर नहीं था और उन्होंने पढ़ाई लगभग छोड़ दी थी। माता-पिता अक्सर उन्हें घंटों गेम खेलने और पढ़ाई पर ध्यान न देने के लिए टोकते थे। मंगलवार को भी इसी बात को लेकर घर में कहासुनी हुई थी, जिससे नाराज होकर उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया।
पुलिस जांच और मोबाइल फॉरेंसिक
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल से मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि वे कौन सा गेम खेल रही थीं और क्या वे किसी ऑनलाइन ग्रुप या टास्क का हिस्सा थीं। इस घटना के बाद से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है और सोसायटी के लोग स्तब्ध हैं।
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