
यूनिक समय, नई दिल्ली। इज़रायल और अमेरिका के साथ जारी 15 दिनों के भीषण युद्ध के बीच ईरान ने दुनिया को दहलाने वाली धमकी दी है। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमले बंद नहीं हुए, तो मिडिल-ईस्ट में मौजूद अमेरिका से जुड़ी सभी तेल और ऊर्जा सुविधाओं को “राख के ढेर” में बदल दिया जाएगा। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी के बाद आया है जिसमें उन्होंने ईरान के मुख्य तेल हब ‘खार्ग द्वीप’ (Kharg Island) के सैन्य ठिकानों को “पूरी तरह तबाह” करने का दावा किया था।
तेल संयंत्रों पर सीधी धमकी
ईरान के सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फघारी ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र की उन सभी कंपनियों और इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जाएगा जिनमें अमेरिकी हिस्सेदारी है। ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने “शालीनता” के नाते अब तक खार्ग द्वीप के तेल ढांचे को नहीं छुआ है, लेकिन ईरान की किसी भी हरकत पर वे अपना फैसला बदल सकते हैं।
होर्मुज की नाकाबंदी और रिकॉर्ड कीमतें
ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को प्रभावी रूप से बंद कर रखा है, जिससे दुनिया के पांचवें हिस्से का तेल व्यापार ठप हो गया है। इसके परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। विश्लेषकों का अनुमान है कि यदि तनाव और बढ़ा तो कीमतें $150 तक जा सकती हैं।
भारत के लिए ‘राहत’ की खबर
तनाव के बीच ईरान ने अपने “पुराने मित्र” भारत को बड़ी राहत दी है। ईरानी राजदूत मोहम्मद फथाली ने पुष्टि की है कि भारत के तेल और एलपीजी टैंकरों (जैसे शिवालिक और नंदा देवी) को होर्मुज से सुरक्षित निकलने का रास्ता दिया गया है, ताकि भारत में ऊर्जा संकट गहराने से बचा जा सके।
15,000 ठिकानों पर हमले
पेंटागन (Pentagon) के अनुसार, पिछले दो हफ्तों में अमेरिका और इज़रायल ने ईरान के भीतर 15,000 से अधिक सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया है। वहीं, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने अपने पिता की शहादत का बदला लेने और युद्ध को नए मोर्चों पर ले जाने की कसम खाई है।
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