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उदयपुर। सड़क पर सब्जी का ठेला लगाने वाला एक शख्स राजस्थान का गोल्डमैन बन गया है। चित्तौड़गढ़ के रहने वाले कन्हैया लाल खटीक रोजाना करीब साढ़े तीन किलो सोना अपने शरीर पर पहनते हैं। कन्हैया लाल खटीक को इतने गहनों के साथ जब भी कोई सड़क पर चलता हुआ देखता है तो उसकी आखें फटी की फटी रह जाती है।
कन्हैया लाल खटीक को मेवाड़ के बप्पी लाहिरी के नाम से जाना जाता है। हालांकि कन्हैया लाल का गाना और फिल्मों से दूर-दूर तक का कोई ताल्लुक नहीं है, लेकिन शरीर पर सोना पहनने के शौक ने उन्हें बप्पी लाहिरी के नाम से प्रसिद्धि दिला दी है। कन्हैया लाल सोने के प्रति इतना लगाव रखते हैं कि वो हर समय अपने शरीर पर लगभग साढ़े तीन किलो सोना धारण किए रहते हैं। उनके गले में हर समय दर्जनों सोने की चेन, हाथों की सभी उंगलियों में सोने की अंगूठी, कलाई में बड़ा ब्रेसलेट होता है। यहां तक कि उनके चप्पल और मोबाइल में भी कई तोला सोना लगा है।
सोने के लिए कन्हैया लाल की इस दीवानगी को देखते हुए लोग उन्हें राजस्थान के गोल्डमैन के रूप में भी जानते हैं। सोमवार को कन्हैया लाल उदयपुर की जिला कलेक्ट्री में पहुंचे तो उन्हें देखकर लोग उनके साथ सेल्फी लेने लगे।
बताया जाता है कि कन्हैया लाल खटीक बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखते थे। 20 वर्ष पहले वो चित्तौड़गढ़ में सब्जी का ठेला लगाते थे। उस दौरान उनके एक दोस्त ने उन्हें दो तोले की सोने की चेन कुछ समय तक पहनने के लिए दी। तभी से कन्हैया लाल को इस पीले धातु का आकर्षण हुआ। इन्हीं दिनों कश्मीर से सेब मंगा कर यहां बेचने का धंधा कन्हैया लाल का फलने-फूलने लगा। इसके बाद कन्हैया लाल ने अपने सोने पहनने के शौक को पूरा किया। अब कन्हैया लाल को गोल्डमैन के रुप में प्रसिद्धि मिली है। कई परीक्षाओं में राजस्थान के गोल्डमैन के रूप में कन्हैया लाल के लिए सवाल भी पूछा जाता है।
राजस्थान के गोल्डमैन कहे जाने वाले कन्हैया लाल खटीक अपने समाज में भी विशेष पहचान रखते हैं. कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति यदि उनके पास मदद मांगने आता है तो खाली हाथ नहीं जाता है.
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