शिवसेना ने CAB पर बदले तेवर, राज्यसभा में इस बात पर बना संशय

गृहमंत्री अमित शाह ने कल नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा में पेश किया था जिसपर काफी हंगामे के बावजूद देर रात यह बिल पास हो गया. लेकिन अभी भी इस बिल को राज्यसभा में पेश किया जाना है और वहाँ से पास होने पर ही बिल लागू हो पाएगा. कल इस बिल के पक्ष में 311 वोट तो विपक्ष में 80 वोट पड़े थे. लोकसभा में इस बिल के पक्ष में शिवसेना ने भी पुरजोर समर्थन किया था. लेकिन अब इस बिल को लेकर उद्धव ठाकरे ने अपने सुर बदल लिए हैं. जिससे राज्यसभा में इसके पास होने पर दिक्कत आ सकती है.

लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल पास होने के बाद कल राज्यसभा में पेश किया जाएगा. बिल को क्लियर करवाने के लिए भाजपा को कई अन्य पार्टियों के सहयोग की जरूरत है. इस बीच शिवसेना के रुख ने भी सस्पेंस बढ़ा दिया है. पहले संजय राउत ने कहा कि लोकसभा में जो हुआ वो भूल जाइए.

उसके बाद खुद पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी बिल पर सवाल उठा दिए. उद्धव ठाकरे ने कहा, ”लोकसभा में हमारे कुछ सवाल हैं जो हमने पूछे है पर कल गृह मंत्री ने सब पार्टियों के जवाब दिए लेकिन शिवसेना के सवालों का जवाब नहीं दिया. बीजेपी को भ्रम में नहीं रहना चाहिए कि जो वो कर रही है सब ठीक है.”

राज्यसभा के लिए सरकार की टेंशन बढ़ाते हुए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि राज्यसभा के में भी हमारे पास कुछ सवाल हैं. उद्धव ठाकरे ने कहा, ”राज्यसभा में भी हमारे कुछ सवाल हैं उनका जवाब नहीं आया है, जवाब आने के बाद हम फैसला लेगें.” उन्होनें कहा कि हमारे सवालों पर जब तक स्पष्टता नहीं आ जाती तब तक हम समर्थन नहीं करेंगे.

लोकसभा में बिल के समर्थन में पड़े 311 वोट नागरिकता संशोधन बिल रविवार देर रात लोकसभा से पास हो गया. बिल के पक्ष में 311 वोट पड़े जबकि विपक्ष में सिर्फ 80 वोट पड़े. इस बिल को अब कल राज्यसभा में पेश किया जाएगा. राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने बताया है कि सदन में चर्चा के लिए 6 घंटे का समय तय किया गया है.

CAB पर शिवसेना ने बदले तेवर, राज्यसभा में पास होने पर बना संशय

बीजेपी के सांसद राकेश सिन्हा ने बिल का विरोध करने वाले पर सवाल उठाए हैं. राज्यसभा में शिवसेना के 3 सांसद हैं. राज्यसभा में बहुमत के लिए 121 सदस्यों का समर्थन चाहिए अभी 126 सदस्य साथ दिख रहे हैं.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*