
यूनिक समय, नई दिल्ली। ईरान के शीर्ष शिया धर्मगुरु ग्रैंड ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ धार्मिक फरमान (फतवा) जारी किया है। उन्होंने दोनों नेताओं को “अल्लाह का दुश्मन” करार देते हुए कहा कि इस्लामिक गणराज्य को धमकी देने वालों को खत्म कर दिया जाएगा।
फतवे में अयातुल्ला नासर मकरम शिराज़ी ने कहा कि ऐसे व्यक्ति या सरकार जो ईरानी सर्वोच्च नेता या धार्मिक प्राधिकरण को धमकी देती है, उन्हें ‘मोहरेब’ यानी ‘ईश्वर के खिलाफ युद्ध छेड़ने वाला’ माना जाएगा। ईरानी कानून के तहत, ऐसे लोगों को मृत्युदंड, अंग विच्छेदन, सूली पर चढ़ाने या देश से निष्कासन जैसी सजा दी जा सकती है।
धार्मिक आदेश में दुनिया भर के मुसलमानों से अपील की गई है कि वे इस्लाम और उसके नेतृत्व को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ एकजुट हों। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इन ‘शत्रुओं’ को समर्थन देना या उनसे किसी भी प्रकार का सहयोग करना इस्लाम में हराम माना जाएगा।
फतवा में यह भी उल्लेख है कि यदि कोई मुसलमान अपने धार्मिक कर्तव्य के पालन में किसी कठिनाई या हानि का सामना करता है, तो उसे “अल्लाह की राह का योद्धा” समझा जाएगा और उसे उसका इनाम मिलेगा, यदि अल्लाह चाहे।
अंत में फतवे में यह चेतावनी दी गई है कि ईरान के सर्वोच्च नेता को धमकी देना या उनकी हत्या की कोशिश करना, न केवल ईश-निंदा है, बल्कि इसे सीधे तौर पर अल्लाह के खिलाफ युद्ध के रूप में देखा जाएगा, जिसके गंभीर परिणाम होंगे।
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