भाजपा सांसद मेनका गांधी के इस्कॉन को लेकर किए गए दावा मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। मेनका के दावे के बाद इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) कोलकाता ने उन्हें 100 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है। शुक्रवार को इस्कॉन, कोलकाता के उपाध्यक्ष और प्रवक्ता राधारमण दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट डाला। उन्होने लिखा कि मंगलवार को संगठन को ‘सबसे बड़ा धोखेबाज़’ कहने के लिए भाजपा सांसद मेनका गांधी को 100 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा गया है। दास ने कहा कि आज हमने इस्कॉन के खिलाफ पूरी तरह से निराधार आरोप लगाने के लिए मेनका गांधी को 100 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है। इस्कॉन के भक्तों, समर्थकों और शुभचिंतकों का विश्वव्यापी समुदाय इन अपमानजनक, निंदनीय और दुर्भावनापूर्ण आरोपों से बहुत दुखी है। हम इस्कॉन के खिलाफ भ्रामक प्रचार के खिलाफ न्याय की खोज में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।” सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में मेनका को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि आज भारत में सबसे बड़ा धोखा इस्कॉन है। वे गौशालाएं स्थापित करते हैं, जिन्हें चलाने के लिए उन्हें सरकार से असीमित लाभ मिलता है। उन्हें बहुत बड़ी ज़मीन मिलती है। मैंने अभी उनकी अनंतपुत गौशाला का दौरा किया। इस्कॉन अपनी सारी गायें कसाई को बेच रहा है। मेनका ने ये भी कहा कि वे कहते हैं कि उनका पूरा जीवन दूध पर निर्भर है… शायद किसी ने भी इतने मवेशी कसाइयों को नहीं बेचे होंगे, जितने उन्होंने बेचे हैं। अगर ये लोग ऐसा कर सकते हैं, तो दूसरों के बारे में क्या ही कहा जाए?