
यूनिक समय, मथुरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कान्हा की नगरी मथुरा-वृन्दावन आगमन को लेकर जहाँ एक ओर प्रशासन पल-पल की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है, वहीं दूसरी ओर पुलिस और इंटेलिजेंस विभाग ने किसी भी संभावित विरोध को दबाने के लिए एक बड़ा ‘ऑपरेशन’ चला दिया है। खुफिया विभाग को इनपुट मिला था कि कुछ राजनीतिक संगठन और स्थानीय समूह मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने या उनके काफिले के सामने प्रदर्शन करने की फिराक में हैं। इस इनपुट के मिलते ही पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए करीब दो दर्जन से अधिक प्रमुख चेहरों को उनके घरों में ही हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर लिया है।
इंटेलिजेंस से प्राप्त गोपनीय सूचनाओं के आधार पर शनिवार सुबह से ही पुलिस ने चिन्हित नेताओं की धरपकड़ और निगरानी शुरू कर दी थी। इस कार्रवाई की जद में मुख्य रूप से कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मुकेश धनगर और महानगर अध्यक्ष यतेंद्र मुकदम आए हैं, जिन्हें उनके आवास से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी गई है।
इसके अलावा कांग्रेसी कार्यकर्ता अनाम धन्य तिवारी, रालोद नेता गौरव चतुर्वेदी और वृंदावन के युवा सपा नेता अंकित वार्ष्णेय को भी पुलिस की कड़ी निगरानी में रखा गया है। इस बार की सुरक्षा रणनीति में सबसे चौंकाने वाला कदम वृन्दावन के बांके बिहारी जी मंदिर के कुछ गोस्वामियों को नजरबंद करना रहा, ताकि वे मंदिर या यमुना से जुड़े किसी मुद्दे पर सार्वजनिक विरोध दर्ज न करा सकें।
सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि नजरबंद किए गए इन लोगों में से अधिकांश का उद्देश्य मुख्यमंत्री को यमुना शुद्धिकरण के ज्वलंत मुद्दे पर ज्ञापन सौंपना और अपनी मांगें रखना था। सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक से बचने के लिए वृन्दावन और मथुरा कोतवाली में भी कई संदिग्धों को एहतियातन बिठाया गया है।
मुख्यमंत्री का यह दौरा और श्रीकृष्ण जन्मभूमि में दर्शन-पूजन का कार्यक्रम शाम तक प्रस्तावित है। बताया जा रहा है कि शाम करीब 6:00 बजे जैसे ही मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर मथुरा से लखनऊ के लिए उड़ान भरेगा, वैसे ही इन नेताओं और गोस्वामियों के घरों के बाहर से पुलिस का पहरा हटा लिया जाएगा।
इस पुलिसिया कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस महानगर अध्यक्ष यतेंद्र मुकद्दम ने प्रशासन पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या जनता की समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखना अब अपराध की श्रेणी में आता है? उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या योगी आदित्यनाथ केवल भाजपा कार्यकर्ताओं के मुख्यमंत्री हैं? मुकद्दम ने स्पष्ट किया कि भले ही आज उन्हें नजरबंद कर दिया गया हो, लेकिन माँ यमुना की मुक्ति और ब्रज के विकास के लिए उनका संघर्ष रुकने वाला नहीं है। फिलहाल, पूरे ब्रज क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती है और चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।
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