
यूनिक समय, चौमुहां (मथुरा)। ग्राम देवी आटस में जल निगम द्वारा कराए जा रहे नए नलकूप (बोरवेल) के निर्माण का ग्रामीणों ने विरोध किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस नलकूप से भविष्य में गंभीर जल संकट पैदा हो सकता है।
जानकारी के अनुसार जल निगम ने ग्राम देवी आटस में नए सरकारी नलकूप के लिए बोरिंग का कार्य शुरू किया था। इसकी सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। उन्होंने कार्य को रुकवाते हुए नारेबाजी की।ग्रामीण विजेंद्र ने आशंका व्यक्त की कि एक ही क्षेत्र में अधिक बोरवेल होने से भूगर्भ जल का स्तर तेजी से नीचे गिर जाएगा। प्रेमचंद ने कहा कि आने वाले समय में गांव के हैंडपंप सूख जाएंगे, जिससे पीने के पानी की भीषण किल्लत हो जाएगी।
ग्रामीण नारायण ने बताया कि यहां पहले से ही पानी पीने योग्य नहीं है। ऐसे में यहां री-बोरवेल करने का कोई फायदा नहीं है। उनका कहना था कि बोरवेल ऐसी जगह किया जाना चाहिए जहां पानी मीठा हो। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि भविष्य में पानी की समस्या बढ़ने की आशंका जता रहे हैं। वहीं, जल निगम के अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि गांव में पहले से 30 से 35 वर्ष पुराने दो नलकूप थे, जो काफी समय से बंद पड़े थे। इनकी जांच और मरम्मत की गई, जिसमें से केवल एक नलकूप ही चलने लायक पाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि दूसरे नलकूप की जगह उसी के पास की जमीन पर नया बोरवेल कराया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य आसपास के गांवों को मीठा पानी उपलब्ध कराना है, क्योंकि इन क्षेत्रों में पीने योग्य पानी की कमी है और ग्रामीणों को दूर से पानी लाना पड़ता है। दोनों नलकूपों के चालू होने से आसपास के गांवों में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। जल निगम के एक्सईएन राम कैलाश ने बताया कि फिलहाल, विरोध को देखते हुए कार्य को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों से संवाद कर उनकी शंकाओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ उन तक पहुँच सके।
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