मथुरा: ऑनलाइन क्‍लास से बच्‍चों की आंखों को हो रहा है नुकसान, जानें बचने का तरीका

प्रिया शशि पाराशर
यूनिक समय/ मथुरा। कोविड-19 को लेकर हर कोई चितिंत है। जनता से लेकर सरकार तक बचाव के लिए उपाय किए जा रहे हैं। कैसे कोविड- 19 से बचा जाए। सरकार की गाइड लाइन को लेकर स्कूल-कालेज बंद है। स्टूडेंट्स की पढ़ाई ऑनलाइन हो रही है। इस पढ़ाई को लेकर यूनिक समय ने जीरो ग्राउंड से रिपोर्ट तैयार की।  एक बहुत बड़ा प्रश्न उठ खड़ा हो रहा है कि आखिर बच्चे घर में बैठकर कैसे पढ़ेंगे। पूरे जिले के हर कालेज के स्टूडेंट्स ऑन लाइन क्लासेज में व्यस्त हैं।

लेकिन क्या यह निर्णय बच्चों की सेहत को देखते हुए सही है। डाक्टरों का मत है कि मोबाइल फोन या लैपटॉप के सामने एक जगह बैठकर क्लासेस अटेंड करने से बच्चे कई बीमारियों की गिरफ्त में आ रहे हैं जैसे आंखों में भारीपन, चिड़चिड़ापन व उदासी आदि। दिन प्रतिदिन बच्चों के स्वभाव में चिड़चिड़ाहट बढ़ती जा रही है।

संजोली अग्रवाल का कहना है है कि बच्चे ऑनलाइन क्लासेज में व्यस्त जरूर है लेकिन उनकी समझ में कुछ नहीं आ रहा। इन दिनों बच्चों का ही नहीं बल्कि पूरे घर का शेड्यूल बिगड़ा हुआ है। छोटे बच्चों के लिए बहुत बड़ी दिक्कत सामने आ गई है क्योंकि वह खुद से ना तो पढ़ सकते ना समझ सकते हैं। उनके लिए माता- पिता को अधिक समय निकालना पड़ रहा है। ऑनलाइन क्लासेस मेरे हिसाब से बिल्कुल सही नहीं है। इससे बच्चों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है।

कोमल शर्मा कहती हैं कि ऑनलाइन एजुकेशन बच्चों को शारीरिक व मानसिक दोनों रूप से परेशान कर रही है। क्योंकि जिस तरीके से बच्चा क्लास में अध्यापक के सामने पढ़ सकता है। उस तरह से फोन या लैपटॉप के सामने बैठकर नहीं पढ़ सकता। मेरे यहां इंटरनेट सर्विस इतनी बेहतर नहीं है कि बिना रुकावट के मेरी बच्ची पढ़ाई कर सकें। इससे उसका ना तो पढ़ाई में मन लग पाता है ना ही वह खेलकूद पाती है। वह दिन भर इसी चिंता में रहती है कि मैं स्कूल का कार्य कैसे करें।

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. योगेश अग्रवाल का कहना है ऑनलाइन क्लासेस जितनी लाभकारी हैं उससे कहीं ज्यादा बच्चों की सेहत के लिए यह हानिकारक साबित हो रही हैं। लगातार फोन चलाने या लैपटॉप चलाने से आंखों पर बुरा असर पड़ता है। तीन चार महीने से इस तरीके के बच्चे उनके पास अधिक आ रहे हैं । फोन चलाने से आंखों में दर्द होता है, पानी आता है। आए दिन आंखें सूज जाती हैं। इस तरह की बीमारी का ग्राफ बच्चों में दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है बच्चों के लिए सही नहीं है। वह शारीरिक व मानसिक दोनों तरीके से प्रताड़ित हो रहे हैं। ना तो वह पढ़ पा रहे हैं और ना ही उनका मन किसी अदर एक्टिविटी में लग रहा है। उन्होंने सभी बच्चों को यह राय दी जो ऑनलाइन क्लासेज कर रहे हैं, वह सभी हेल्दी खाना खाए। अपने मन को एकाग्र रखें और मन लगाकर पढ़ाई करें पूरी नींद अवश्य लें।

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