बांके बिहारी मंदिर में कॉरिडोर बनने पर 1.60 लाख श्रद्धालु रोजाना कर सकेंगे दर्शन

विशेष आवास

यूनिक समय, मथुरा। वृंदावन स्थित प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ और बार-बार दम घुटने की घटनाओं को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को मंदिर में कॉरिडोर निर्माण की अनुमति दे दी है। इस फैसले के बाद स्थानीय सेवायत और व्यापारी वर्ग ने विरोध जताया, हालांकि जिला प्रशासन और ब्रज तीर्थ विकास परिषद लगातार कॉरिडोर के लाभ समझाने का प्रयास कर रहे हैं।

ब्रज तीर्थ विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्याम बहादुर सिंह के अनुसार, इस कॉरिडोर के निर्माण से बांके बिहारी मंदिर में प्रतिदिन 1.20 लाख श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे, जबकि विशेष पर्वों और उत्सवों के दौरान यह संख्या 1.60 लाख तक पहुंच सकती है। वर्तमान में ताजमहल में प्रतिदिन औसतन 40 हजार पर्यटक आते हैं, ऐसे में बांके बिहारी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या उससे तीन से चार गुना अधिक हो सकती है।

कॉरिडोर के डिजाइन में श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। इसमें एक वेटिंग हॉल होगा, जिसमें 3,000 कुर्सियों की व्यवस्था रहेगी। इसके अतिरिक्त, कॉरिडोर प्रांगण में 10,000 श्रद्धालु खड़े रह सकेंगे और कुल मिलाकर एक समय में 20,000 श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। फिलहाल की व्यवस्था में मंदिर के अंदर एक बार में मुश्किल से 1,000 लोग ही दर्शन कर पाते हैं।

नए कॉरिडोर प्लान के तहत, श्रद्धालु यमुना के दूसरी ओर वाहन पार्किंग में गाड़ी खड़ी करेंगे और पुल के माध्यम से ई-रिक्शा या इलेक्ट्रिक वाहन से सीधे मंदिर पहुंचेंगे। इससे वृंदावन के अंदर की भीड़ कम होगी और अन्य मंदिरों जैसे प्रेम मंदिर, राधा बल्लभ मंदिर की यात्रा भी सुगम होगी।

सीईओ ने यह भी स्पष्ट किया कि कॉरिडोर बनने के बाद भी मंदिर की पारंपरिक सेवा-पद्धति और सेवायतों के अधिकारों में कोई बदलाव नहीं होगा। सेवायत पहले की तरह अपने यजमानों को दर्शन करा सकेंगे।

कॉरिडोर का यह प्रस्ताव मंदिर परिसर को और अधिक सुव्यवस्थित बनाकर श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित और सुविधाजनक दर्शन का अनुभव देने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है।

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