
यूनिक समय, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शनिवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने ग्रैंड वेलकम किया। राष्ट्रपति ने मोदी का ऐतिहासिक स्वागत इंडिपेंडेंस स्क्वायर पर किया, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। यह स्वागत श्रीलंका द्वारा किसी अतिथि के लिए पहली बार इस प्रकार किया गया, जो भारत-श्रीलंका रिश्तों में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।
PM मोदी शुक्रवार को श्रीलंका पहुंचे थे, और राष्ट्रपति ने उन्हें एयरपोर्ट पर रिसीव करने के लिए अपनी कैबिनेट के शीर्ष पांच मंत्रियों को भेजा था। इसके बाद शनिवार को, राष्ट्रपति ने खुद प्रधानमंत्री मोदी का ग्रैंड वेलकम किया। श्रीलंका के इस असाधारण स्वागत से यह संकेत मिलता है कि दोनों देशों के रिश्तों को और अधिक प्रगाढ़ किया जा रहा है, जो क्षेत्रीय राजनीति, खासकर चीन के संदर्भ में महत्वपूर्ण हो सकता है।
प्रधानमंत्री की तीन दिवसीय श्रीलंका यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना है, खासकर ऊर्जा, व्यापार, कनेक्टिविटी, डिजिटलीकरण और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए। इस यात्रा के दौरान, मोदी और राष्ट्रपति दिसानायके के बीच प्रमुख वार्ताएं होने की उम्मीद है, जिनमें रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और डिजिटलीकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बन सकती है।
मोदी के दौरे का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि वह श्रीलंका के आर्थिक संकट से उबरने में मदद के लिए भारत की ओर से किए गए प्रयासों की समीक्षा करेंगे। इसके अलावा, इस यात्रा के दौरान कई परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया जाएगा, जिसमें सामपुर सौर ऊर्जा परियोजना शामिल है।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति दिसानायके के बीच होने वाली वार्ता से दोनों देशों के रिश्तों में और भी गहराई आ सकती है, और यह चीन के लिए चिंताजनक साबित हो सकता है, क्योंकि भारत और श्रीलंका के बीच इस नए सहयोग से क्षेत्रीय संतुलन पर असर पड़ सकता है।
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