
यूनिक समय, नई दिल्ली। आज देशभर में पुलिस स्मृति दिवस (Police Commemoration Day) मनाया जा रहा है, जो 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में शहीद हुए 10 भारतीय पुलिसकर्मियों के बलिदान को याद करने के लिए हर साल 21 अक्टूबर को आयोजित होता है। इस अवसर पर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक (National Police Memorial) में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया और देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले बहादुर पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
पुलिस स्मृति दिवस पर रक्षा मंत्री का संबोधन
अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने पुलिस और सेना की भूमिका को एक समान बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा की बात हो, तो चाहे मंच अलग हों, सेना और पुलिस दोनों का मिशन एक ही है और दोनों की भूमिका एक जैसी है। उन्होंने जोर दिया कि आज जब भारत ‘अमृत काल’ में प्रवेश कर चुका है और हम 2047 तक विकसित भारत का सपना देख रहे हैं, तो देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा में संतुलन बनाए रखना पहले से कहीं अधिक आवश्यक है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि पुलिस को अब सिर्फ अपराध से नहीं, बल्कि अपनी छवि से भी लड़ना पड़ता है, लेकिन यह खुशी की बात है कि पुलिस अपनी आधिकारिक और नैतिक दोनों जिम्मेदारियों का पालन कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता को पुलिस पर भरोसा है।
राजनाथ सिंह ने याद दिलाया कि गृह मंत्री के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने पुलिस के काम को करीब से देखा था और अब रक्षा मंत्री के रूप में उन्हें सेना की कार्यशैली को भी देखने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि दुश्मन चाहे सीमा पार से आए या हमारे बीच छिपा हो, भारत की सुरक्षा के लिए जो भी खड़ा होता है, वह इसी भावना का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने पुलिस बल के त्याग, समर्पण और सेवा के लिए उनका आभार व्यक्त किया और कहा कि देश को उन पर गर्व है।
राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक समाज और एक देश के रूप में हमने लंबे समय तक पुलिस के योगदान को पूरी तरह से सम्मान नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस के बलिदान को याद करने के लिए जो सकारात्मक प्रयास किए जाने चाहिए थे, वे हम नहीं कर पाए हैं। हालाँकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2018 में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक की स्थापना के साथ इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया।
रक्षा मंत्री ने बताया कि सरकार पुलिस बल को आधुनिक हथियार और बेहतर सुविधाएँ मुहैया करा रही है। उन्होंने चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और समन्वय पर जोर दिया, जिसे उन्होंने आंतरिक और बाहरी खतरों से निपटने का एकमात्र रास्ता बताया।
पुलिस स्मृति दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने किया नमन:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर एक सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए देश के वीर पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा, “पुलिस स्मृति दिवस पर, हम अपने पुलिसकर्मियों के साहस को सलाम करते हैं और कर्तव्य पालन में उनके सर्वोच्च बलिदान को याद करते हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि पुलिसकर्मियों की अटूट निष्ठा हमारे देश और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। संकट और आवश्यकता के समय में उनकी बहादुरी और प्रतिबद्धता सराहनीय है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरे देश को अपने पुलिस बल पर गर्व है, जो हर परिस्थिति में जनता की सेवा और राष्ट्र की रक्षा के लिए समर्पित रहता है।
नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
ये भी पढ़ें: दिल्ली फिर बनी ‘गैस चैंबर’: पटाखों और पराली के दोहरे हमले से AQI 531 पार; SC के आदेश की अनदेखी के बाद ग्रैप-II लागू
Leave a Reply