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दिल्ली फिर बनी ‘गैस चैंबर’: पटाखों और पराली के दोहरे हमले से AQI 531 पार; SC के आदेश की अनदेखी के बाद ग्रैप-II लागू

by Tarun Bhardwaj • October 21, 2025
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यूनिक समय, नई दिल्ली। दिवाली की रात पटाखों और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के दोहरे वार ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को ‘गैस चैंबर’ में बदल दिया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सोमवार को दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बढ़कर 531 तक पहुँच गया, जो ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में आता है। इस स्तर पर हवा स्वस्थ व्यक्ति के लिए भी अत्यंत खतरनाक हो जाती है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी और ‘रेड ज़ोन’ में शहर:

सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली की रात केवल दो घंटे (रात 8 से 10 बजे) ‘ग्रीन पटाखे’ चलाने की अनुमति दी थी, लेकिन देर रात तक हुई आतिशबाजी के कारण रात 10 बजे तक ही AQI 344 पार कर गया और बाद में संकटग्रस्त स्तर पर पहुँच गया।

दिल्ली के 38 निगरानी स्टेशनों में से 34 ‘रेड ज़ोन’ में दर्ज किए गए। नरेला में AQI 551 के साथ सबसे खराब रहा, जबकि अशोक विहार में 493, और आनंद विहार में 404 दर्ज हुआ। NCR में नोएडा का AQI 369 और गाजियाबाद का 402 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है।

दिवाली की रात पटाखों और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने और तेज हवा न चलने के कारण राजधानी और NCR पर स्मॉग की मोटी परत छाई हुई है, जिससे जहरीले तत्व हवा में स्थिर बने हुए हैं।

प्रदूषण नियंत्रण के कदम और जुर्माने का प्रावधान:

प्रदूषण के गंभीर स्तर को देखते हुए दिल्ली और NCR में तत्काल प्रभाव से ग्रैप-II (GRAP-II) लागू कर दिया गया है। इसके तहत कोयला और लकड़ी के उपयोग के साथ-साथ डीज़ल जनरेटर सेट्स के इस्तेमाल पर भी सीमाएँ लगाई गई हैं।

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए क्लाउड सीडिंग (कृत्रिम बारिश) की तैयारी कर ली है और मौसम विभाग की अनुमति का इंतजार किया जा रहा है।

NGT के प्रतिबंध के बावजूद हरियाणा और पंजाब में पराली जलाई जा रही है। CAQM अधिनियम के तहत, दो एकड़ से अधिक जमीन पर पराली जलाने पर ₹10,000 से ₹30,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

पर्यावरण विशेषज्ञों ने AQI के 500 पार होने को आपातकाल जैसी स्थिति बताया है, जो फेफड़ों, आँखों और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ाती है। यह हवा विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरनाक है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर तत्काल कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में दिल्ली की हवा और भी जहरीली हो सकती है।

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