
यूनिक समय, नई दिल्ली। भारतीय टीम के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने हाल ही में विराट कोहली की टेस्ट क्रिकेट से अचानक रिटायरमेंट को लेकर अपनी राय साझा की है। उन्होंने इसे एक बड़ा मौका चूकने वाला फैसला बताया है और कहा कि इस मुद्दे को ज्यादा समझदारी और बातचीत के साथ संभाला जा सकता था।
रवि शास्त्री का मानना है कि विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ी को इस तरह अलविदा नहीं कहना चाहिए था। अगर वह किसी निर्णयकारी भूमिका में होते, तो ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद विराट को दोबारा टेस्ट कप्तानी सौंप देते।
गौरतलब है कि विराट कोहली ने 12 मई को एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी। इससे कुछ ही दिन पहले, 7 मई को रोहित शर्मा ने भी इसी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था। दोनों अनुभवी खिलाड़ियों के यूं अचानक रिटायरमेंट की घोषणा से फैंस को झटका लगा और सोशल मीडिया पर उन्हें फेयरवेल टेस्ट दिए जाने की मांग उठी।
बीसीसीआई से जुड़े सूत्रों ने जानकारी दी कि कोहली ने सेलेक्टर्स को पहले ही अपने फैसले से अवगत करा दिया था। बोर्ड का एक सदस्य चाहता था कि विराट इंग्लैंड दौरे का हिस्सा बनें, क्योंकि रोहित के रिटायरमेंट के बाद उनके अनुभव की टीम को जरूरत थी। लेकिन कोहली ने अपने फैसले को नहीं बदला।
इस बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि जब दोनों को रिटायरमेंट लेना था, तो उन्होंने घरेलू क्रिकेट क्यों खेला। बीसीसीआई ने हाल ही में यह साफ किया था कि जब तक कोई ठोस कारण न हो, खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट खेलना अनिवार्य होगा, खासकर टीम के खराब प्रदर्शन की स्थिति में।
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