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मुख्यमंत्री के नाम पांच सूत्रीय मांग पत्र डिप्टी कलक्टर को सौंपा
मथुरा। जनपद भर से एकत्रित होकर आये सपेरा समाज के लोगों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। समाज वन—जीव अधिनियम 1972 के लागू होने से काफी दुखी थे। उन्होंने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पांच सूत्रीय मांग पत्र डिप्टी कलक्टर को दिया।
बैगा/ सपेरा विकास संघ के तत्वावधान में जनपद के विभिन्न गांवों में निवास कर रहे सपेरा समाज के लोग एकत्रित होकर सोमवार को प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह अठवाल ने कहा कि बैगा, सपेरा, लाल, बैगी, बैनुआ, बोरिया व कालवेलिया नामों से सपेरा समाज मथुरा जनपद के विभिन्न गांवों में निवास करता है। सांप का खेल दिखाकर अपने परिवार का सपेरा समाज भरण पोषण करता रहा है लेकिन वन जीव अधिनियम 1972 ने उनका व्यवसाय छीन लिया है। हमारे परिवारों के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। वे आज अपनी समस्यायें बताने के लिए यहां आये हैं।
आज सपेरा समाज के लोगों ने डीएम कार्यालय में डिप्टी कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम पांच सूत्रीय मांग पत्र दिया। जिसमें उनकी प्रमुख मांगे बैगा सपेरा समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा देकर उनके प्रमाण पत्र जारी किये जाएं, वन जीव अधिनियम 1972 के चलते सांप पालना अपराध है ऐसे में सपेरों को चिडिया घरों में विशेष चयन किया जाए, हिन्दु धर्मानुसार प्रत्येक गांव में सपेरा समाज के लिए लोगों के अंतिम संस्कार हेतु भूमि चिन्हित की जाए, स्थायित्व की वाट जोहते परिवारों को स्थायीकरण व समस्त सरकारी सुविधाओं का लाभ दिलाया जाए, दीन— भूमिहीन सपेरा समाज को जीविकोपार्जन हेतु कृषि भूमि के पट्टे दिये जायें।
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