Sarva Pitru Amavasya 2025: पितृ दोष से मुक्ति के लिए घर में यहाँ जलाएं दीपक, मिलेगा लाभ

पितृ दोष से मुक्ति के लिए जलाएं

यूनिक समय, नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार, पितृपक्ष का समापन सर्वपितृ अमावस्या के दिन होता है, जिसे महालय अमावस्या भी कहा जाता है। यह दिन उन सभी पूर्वजों को समर्पित है जिनकी मृत्यु की तिथि ज्ञात नहीं है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन पितरों की आत्माएं पृथ्वी पर आती हैं। इस खास दिन पर श्रद्धापूर्वक तर्पण, पिंडदान और दीपदान करने से पितरों को शांति मिलती है और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।

ज्योतिष के अनुसार, सर्वपितृ अमावस्या के दिन कुछ विशेष स्थानों पर दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है।

इन जगहों पर दीपक जलाना होता है लाभकारी

घर की दक्षिण दिशा में: दक्षिण दिशा को यम और पितरों की दिशा माना जाता है। इस दिशा में सरसों के तेल का दीपक जलाने से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और उनकी आत्मा को शांति मिलती है। यह पितृ दोषों से मुक्ति का एक महत्वपूर्ण उपाय भी है।

घर के मुख्य द्वार पर: घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाना पूर्वजों को सम्मानपूर्वक विदा करने का प्रतीक है। इस दिन मुख्य द्वार पर चार मुखी दीपक जलाने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और घर में बाहरी अशुद्धियों का प्रवेश नहीं होता है।

पूर्वजों की तस्वीर के पास: यदि घर में पूर्वजों की तस्वीर रखी है, तो सर्वपितृ अमावस्या की रात उसके पास दीपक जरूर जलाएं। ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है और उनकी आत्मा को संतुष्टि मिलती है। दीपक के साथ फूल, काले तिल और जल भी अर्पित करना चाहिए।

इन स्थानों पर दीपक जलाने से पितरों के प्रति आपकी श्रद्धा प्रकट होती है और उनका आशीर्वाद आपके परिवार पर बना रहता है।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

ये भी पढ़ें: UP News: महराजगंज में तीन बसों की भीषण टक्कर; 20 से अधिक यात्री घायल, दो चालकों की हालत गंभीर

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*