
कार्यालय संवाददाता
यूनिक समय, मथुरा। शहर के औद्योगिक क्षेत्र साइट -ए की सड़क कीचड़़ के दल-दल में गुम हो गई। यकीन नहीं होता है कि इस क्षेत्र में जाकर देख लो। यहां से निकलने वाले लोगों को वाहन निकालने में डर सताता रहता है कि कहीं वह फंस न जाए। ऐसी बात नहीं सड़क के मुद्दे को किसी ने उठाया नहीं हो, लेकिन सरकारी मशीनरी है कि ध्यान देती नहीं है।
इस क्षेत्र में जिला उद्योग केंद्र का कार्यालय है। सैकड़ों उद्योग हैं। तीन इंटर कॉलेज और हॉस्पीटल है। इसी बात से अंदाज लगाया जा सकता है कि लोगों का आवागमन कितना होता होगा। अभी तो आंशिक कफ्र्यू के कारण कालेजों में स्टूडेंटस नहीं जा पा रहे हैं। वजह है कोरोना संक्रमण के कारण सरकार ने कालेजों को बंद कर रखा है। अब सोचो हास्पीटल में जाने वाले रोगी और तीमारदारों की। यदि किसी रोगी का वाहन कीचड़ में फंस गया तो क्या स्थिति होगी। फैक्ट्रियों में तमाम लोग नौकरी करने के लिए जाते हैं। वह बताते हैं कि वह ईश्वर का नाम लेकर यहां से निकलते हैं।
यदि कीचड़ में जरा से संतुलन बिगड़ने पर गिर गए तो क्या हालात होगी। इस बारे में सोच नहीं सकते। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष आर पी सिंघल ने आकाश सिंघल तथा ऋषभ के साथ क्षेत्र के उद्यमियों की ओर से मथुरा-वृंदावन नगर निगम के आयुक्त अनुनय झा को बदहाल स्थिति के बारे में ज्ञापन सौंपा है। अवगत कराया कि क्षेत्र का प्रमुख मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। नालों की सफाई व ढाल उचित ना होने के कारण क्षेत्र में जलभराव की समस्या बनी रहती है।
श्री सिंघल ने बताया कि उद्योग बंधु की हर बैठक में समस्या को समय समय पर अधिकारियों के सामने उठाते रहे है। गत वर्ष भी यू.पी.एस.आई.डी.सी के एमडी मयूर महेश्वरी व तत्कालीन नगर अयुक्त रवीन्द्र मानदड़ का क्षेत्र में दौरा भी कराया था परंतु प्रशासन समस्या का निवारण करने के बजाय अभी तक टालते रहा है। क्षेत्र में बदहाल सड़क की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और अगर प्रशासन की नींद जल्द ही नहीं खुली तो किसी भी दिन कोई बड़ी अप्रिय घटना भी हो सकती हैै। क्योंकि उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग की बसें भी यात्रियों को लेकर इसी मार्ग से हाईवे की ओर जाती हैं।
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