
नई दिल्ली। सीबीडीटी ने टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अब जानबूझकर टैक्स चोरी करने के प्रयास, इनकम टैक्स रिटर्न नहीं फाइल करने के मामले और सरकारी खजाने में 25 लाख रुपये तक जमा नहीं कराने पर क्रिमिनल एक्शन नहीं होगा. सीबीडीटी की ओर से जारी नए सर्कुलर में यह कहा गया है.
अब क्या होगा- सीबीडीटी के नए सर्कुलर में कहा गया है कि बार-बार चूक करने के अपवाद वाले मामलों में दो मुख्य आयुक्तों के कालेजियम या इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के महानिदेशक की मंजूरी से अभियोजन चलाया जा सकता है.
इस तरह के मामलों में इनकम टैक्स एक्ट की धारा 276 बी के तहत कार्रवाई की जाएगी. इसी तरह ऐसे मामले जिसमें जानबूझकर टैक्स चोरी की रकम या कम आमदनी दिखाने पर कर 25 लाख रुपये या उससे कम है तो उनमें भी अभियोजन की कार्रवाई नहीं की जाएगी. इसमें आयकर कानून की धारा 276सी एक के तहत कार्रवाई होगी.
इससे क्या होगा- माना जा रहा है कि इस फैसले से टैक्स मुकदमेबाजी को कम करने में मदद मिलेगी. इससे बड़ी संख्या में टैक्सपेयर्स कानूनी मुकदमेबाजी से बच सकेंगे. इसमें कहा गया है कि अभियोजन आपराधिक प्रक्रिया है जो जुटाए गए सबूतों पर आधारित होती है. टैक्स चोरी के अपराध को केवल संदेह से नहीं बल्कि ठोस साक्ष्य से साबित करना होता है.
सीबीडीटी ने इस तरह की मुकदमेबाजी में कमी लाने के लिए नए मानदंड बनाए हैं. ऐसे मामले जिसमें स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) की जमा नहीं कराई गई राशि 25 लाख रुपये से कम है और इसे जमा कराने में निश्चित तारीख से 60 दिन से कम का विलंब हुआ है, तो सामान्य परिस्थितियों में इसमें अभियोजन नहीं चलाया जाएगा.
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