
अगर आप सोचते हैं कि सीक्रेट दरवाज़े, तहखाने और करोड़ों की ठगी सिर्फ फिल्मों में होती है, तो ज़रा रोहन सलदान्हा की असल कहानी सुनिए। मंगलुरु पुलिस के हाथ ऐसा ठग लगा है, जिसका घर किसी जासूसी फिल्म के सेट से कम नहीं। आधी रात को जब मंगलुरु के जेपीनामोगारू इलाके में पुलिस ने छापा मारा, तो उन्होंने जो देखा वह अविश्वसनीय था। आलीशान बंगला, जिसकी दीवारों और अलमारियों के पीछे सीक्रेट चेम्बर्स थे। छुपी हुई सुरंगें, तहखाने और गुप्त रास्ते — मानो किसी हॉलीवुड थ्रिलर का सेट हो। ये सब कुछ उस महाठग रोहन सलदान्हा ने लूट के पैसों से तैयार किया था।

शुरुआती जांच से पता चला कि रोहन अमीर व्यापारियों को 500 करोड़ रुपये तक के बिजनेस लोन और शानदार रियल एस्टेट डील्स का झांसा देता था। प्रोसेसिंग फीस और कानूनी मंजूरी के नाम पर वह 50 लाख से लेकर 4 करोड़ रुपये तक की अग्रिम राशि वसूलता था। जैसे ही पैसा उसके खाते में आता, वह गायब हो जाता। पुलिस के अनुसार, सिर्फ तीन महीनों में उसके एक बैंक खाते में 40 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन दर्ज किया गया, जो इस ठगी की विशालता को उजागर करता है।

पुलिस की छापेमारी में उसके घर से कई दुर्लभ सजावटी पौधे, महंगी पुरानी शैम्पेन और विदेशी शराब का बड़ा भंडार मिला। इन सब पर HD कैमरों की कड़ी निगरानी थी। यही नहीं, घर में बने सीक्रेट कमरों में संपत्ति छिपाई गई थी। दीवारों में छुपे दरवाजे भूमिगत सुरंगों और सीढ़ियों से जुड़े थे, जिनके जरिए वह किसी की नज़र में आए बिना भाग सकता था। लेनदारों से बचने के लिए वह इन्हीं गुप्त रास्तों का इस्तेमाल करता था।
बताया जा रहा है कि रोहन ने पूरे देश में सैकड़ों लोगों को ठगा है। वह अक्सर अपनी नकली संपत्ति और प्रभावशाली संपर्कों का दिखावा करता था और 600 करोड़ रुपये तक के लोन स्वीकृत करवाने का दावा करता था। जब लोग उसकी बातों में आकर पैसा देते थे, वह उनसे संपर्क तोड़ देता था। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहन जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने यह जाल कितने समय से और किन-किन क्षेत्रों में फैलाया। मनी लॉन्ड्रिंग के तार भी इस केस से जुड़ सकते हैं। एक एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और पुलिस ने अन्य पीड़ितों से सामने आने की अपील की है, ताकि इस हाई-प्रोफाइल ठगी का पूरा सच उजागर किया जा सके।
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