
यूनिक समय, नई दिल्ली। राजधानी लखनऊ स्थित होटल ताज में शनिवार को ‘विकसित उत्तर प्रदेश विजन 2047’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिस्सा लिया। अपने संबोधन में सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश के विकास लक्ष्यों पर चर्चा की और कानून व्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाया।
कानून-व्यवस्था और माफियाराज पर सीएम का प्रहार
सीएम योगी ने प्रदेश में अशांति फैलाने वालों को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा, “बरेली में एक मौलाना भूल गया कि शासन किसका है। वह धमकी देता था कि शहर जाम कर देंगे। हमने कहा— न तो जाम होगा और न ही कर्फ्यू लगेगा, बल्कि ऐसा सबक सिखाएंगे कि आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी।”
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यही होता था, लेकिन अब हमने ऐसे बैरियर लागू किए हैं और चुन-चुन कर ऐसे लोगों को सबक सिखाया है, जो जिस भाषा में समझना चाहते थे, उन्हें उसी भाषा में समझाया गया है।
माफियाराज पर निशाना साधते हुए सीएम ने कहा कि पहले की सरकारों ने हर जिले में एक माफिया दिया था। चाचा-भतीजा वसूली के लिए निकलते थे, वसूली का गैंग चलता था, और ट्रांसफर-पोस्टिंग में दलाल बोली लगाते थे। उन्होंने कहा, “हमने उनके अनैतिक और अवैध व्यापार पर प्रहार किया है। उनके चेले चिल्लाते हुए दिखाई दे रहे हैं।” उन्होंने कहा कि जो लोग झूठे नारों से समाज को गुमराह करते हैं और जाति-धर्म के नाम पर बांटते हैं, ऐसे ही लोगों के लिए मैंने बुलडोजर बनाया है।
आर्थिक प्रगति और विकास का खाका
सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश को 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य दोहराया। उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत की आर्थिक प्रगति में उत्तर प्रदेश का योगदान 14 फीसदी था, जो 2016 में घटकर केवल 8 फीसदी रह गया था, और राज्य देश की सातवीं अर्थव्यवस्था बन गया था।
सीएम ने कहा कि पिछले 8 वर्षों में प्रदेश में हर क्षेत्र में प्रगति हुई है। प्रति व्यक्ति आय ₹45 हजार से बढ़कर ₹1.2 लाख तक पहुँच गई है। आज देश के कुल एक्सप्रेसवे में 55 फीसदी उत्तर प्रदेश के पास हैं। यह सबसे ज्यादा शहरों में मेट्रो का संचालन कर रहा है। 2017 से पहले केवल दो ही एयरपोर्ट क्रियाशील थे, आज 16 एयरपोर्ट क्रियाशील हैं। अगले महीने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश को समर्पित किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश आज गन्ना, एथेनॉल और चीनी उत्पादन में नंबर एक है। यह सबसे अधिक युवा आबादी के साथ सबसे ज्यादा नौकरी देने वाला राज्य बन चुका है। देश में बनने वाले मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट में 55 फीसदी का योगदान अकेले उत्तर प्रदेश का है।
शुक्रवार को कैबिनेट ने 52 निजी विश्वविद्यालय को अनुमति दी है। सीएम ने कहा कि अब पिक एंड चूज नहीं, बल्कि मानकों को पूरा करिए और निजी विश्वविद्यालय बनाइए। सीएम ने कहा कि हम ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ को ख़त्म कर ‘वन जिला वन मेडिकल कॉलेज’ और ‘वन जिला वन प्रोडक्ट’ बना रहे हैं। 15 लाख करोड़ का निवेश जमीन पर उतर चुका है, और नवंबर में 5 लाख करोड़ का निवेश और उतारा जाएगा।
विरासत और भविष्य का विजन
विकसित यूपी विजन 2047 में सीएम योगी ने प्राचीन भारत की आर्थिक शक्ति का भी उल्लेख किया, जब भारत की हिस्सेदारी ग्लोबल इकॉनमी में 40 फीसदी थी। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने भारत से 32 ट्रिलियन डॉलर के बराबर सोना लूटा। उन्होंने तक्षशिला विश्वविद्यालय, सुश्रुत, और चरक जैसे महान विद्वानों की विरासत को याद करने और गुलामी की मानसिकता को त्यागने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 उत्तर प्रदेश की आशाओं और आकांक्षाओं की पूर्ति का वर्ष होगा।
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