World: किम जोंग उन का ‘मिसाइल प्रहार’, दागी कई बैलिस्टिक मिसाइलें; जापान और दक्षिण कोरिया हाई अलर्ट पर

Kim Jong Un's 'missile strike'

यूनिक समय, नई दिल्ली। एशियाई क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर अपने चरम पर पहुँच गया है। उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच जारी सैन्य गतिरोध के बीच, तानाशाह किम जोंग उन ने मंगलवार को अपनी सैन्य शक्ति का आक्रामक प्रदर्शन करते हुए पूर्वी समुद्री सीमा की ओर एक साथ कई कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर दुनिया को चौंका दिया है। यह प्रक्षेपण ऐसे संवेदनशील समय में हुआ है जब उत्तर कोरिया अपनी सबसे बड़ी राजनीतिक बैठक ‘वर्कर्स पार्टी कांग्रेस’ की तैयारी कर रहा है।

दक्षिण कोरियाई सेना और जापान के रक्षा मंत्रालय ने इस मिसाइल परीक्षण की तत्काल पुष्टि की है। विवरण के अनुसार, मिसाइलें उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग के उत्तर-पूर्वी इलाके से छोड़ी गईं। इन मिसाइलों ने हवा में लगभग 350 किलोमीटर की दूरी तय की और कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्वी तट के पास समुद्र में जा गिरीं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन मिसाइलों की मारक क्षमता सीधे तौर पर दक्षिण कोरिया के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाने के लिए डिजाइन की गई है।

जापान और दक्षिण कोरिया ने जताई कड़ी आपत्ति

जापान सरकार ने इस कदम को क्षेत्रीय शांति और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक “गंभीर खतरा” बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। वहीं, दक्षिण कोरियाई सेना ने बयान जारी कर कहा कि वह उत्तर कोरिया की किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई का करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। गौरतलब है कि उत्तर कोरिया ने इस साल की शुरुआत से ही हाइपरसोनिक मिसाइलों और परमाणु-संचालित पनडुब्बी निर्माण की तस्वीरों के जरिए अपनी घातक क्षमताओं का प्रदर्शन तेज कर दिया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2019 में अमेरिका के साथ वार्ता विफल होने के बाद से किम जोंग उन का रुख और अधिक कड़ा हुआ है। उनके इस मिसाइल परीक्षण के पीछे दो मुख्य उद्देश्य माने जा रहे हैं। पहला अत्याधुनिक हथियारों का प्रदर्शन कर वाशिंगटन से आर्थिक रियायतें हासिल करना। और दूसरा फरवरी में होने वाली ‘वर्कर्स पार्टी कांग्रेस’ से पहले देश के भीतर अपनी सैन्य पकड़ और राष्ट्रवादी माहौल को मजबूत करना।

ड्रोन विवाद और “दो-राज्य” नीति

हाल ही में दोनों देशों के बीच तनाव तब और बढ़ गया जब उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया पर जासूसी ड्रोन उड़ाने का आरोप लगाया। हालांकि दक्षिण कोरिया ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है, लेकिन विशेषज्ञों को अंदेशा है कि किम जोंग उन इस तनाव का उपयोग पार्टी के संविधान में “दो-राज्य” (Two-State Policy) नीति को शामिल करने के लिए कर सकते हैं, जो भविष्य में दक्षिण कोरिया के साथ किसी भी एकीकरण की संभावना को पूरी तरह खत्म कर देगा।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़े: Shankaracharya Controversy: अयोध्या के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत सिंह ने सीएम योगी के सम्मान में दिया इस्तीफा

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*