मोदी के बाद योगी ने भी लिखी चिठ्ठी, समाज की इस बुराई को खत्‍म करने की अपील

मथुरा। अब योजनाओं और समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने के लिए चिठ्ठी का सहारा लिया जाने लगा है। पिछले माह पीएम नरेंद्र मोदी ने पानी सहेजने को चिठ्ठी लिखी थी तो अब इसी नक्शेकदम पर सीएम योगी आदित्यनाथ भी चल पड़े हैं। सीएम ने जनप्रतिनिधियों से बचपन को बचाने और बालश्रम रुकवाने में सहयोग मांगा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाल श्रम का चलन खत्म करने की ठोस पहल की है। सीएम ने जिला पंचायत अध्यक्ष, सदस्य, नगर निकाय अध्यक्ष, सभासद और ब्लॉक प्रमुख और प्रधानों को पत्र भेजकर उनसे कहा है कि बाल श्रम सामाजिक कुप्रथा है, जिससे बच्चे कम आयु में क्षमता से अधिक श्रम करने के कारण शरीरिक एवं मानसिक विकास से वंचित हो जाते हैं। कामकाजी बच्चों के प्रति व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाकर उन्हें बाल और किशोर श्रम (प्रतिषेध और विनियमन) अधिनियम के अनुसार अवमुक्त कराकर उनके परिवार के किसी एक सदस्य को कौशल विकास तथा रोजगारपरक शिक्षा से जोडऩे और उनके परिवारों को भोजन, आवास तथा स्वास्थ्य आदि की व्यवस्था करने की आवश्यकता है, ताकि परिवार पालन-पोषण के लिए बच्चों की आय पर निर्भर न रहना पड़े।
सीएम का मानना है कि यह जनप्रतिनिधि कामकाजी बच्चों की पहचान करने, इन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने, बच्चों को विद्यालय में नियमित उपस्थित रहने और गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा दिलाने जैसी महती भूमिका निभा सकते हैं। श्रम विभाग की नया सवेरा योजना और राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना, कंडीशनल कैश ट्रांसफर योजना के संचालन समेत कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनके सफल संचालन में सहयोग देने की अपील की।

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