यूनिक समय, मथुरा। छाता क्षेत्र में लंबे समय से बंद पड़ी शुगर मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर चल रहा जन-आंदोलन देर रात एकाएक गहमागहमी में बदल गया। बीते 40 दिनों से शुगर मिल के मुख्य द्वार पर जारी धरना प्रदर्शन को रविवार देर रात पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम ने भारी मुस्तैदी के साथ समाप्त करा दिया। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है, जिसे देखते हुए छाता कस्बे और आसपास के गांवों में भारी पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियां तैनात कर दी गई हैं। देर रात पहुंचे पुलिस बल पर गंभीर आरोप धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों और आंदोलन की अगुवाई कर रहे सूबेदार कर्मयोगी ने पुलिस-प्रशासन की इस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, देर रात लगभग 3 बजे पुलिस और सादा कपड़ों में मौजूद टीम धरना स्थल पर पहुंची। आरोप है कि सो रहे लोगों को जबरन वहां से हटाया गया और टेंट, माइक व अन्य सामान फेंक दिया गया। सूबेदार कर्मयोगी ने एक वीडियो संदेश जारी कर दावा किया कि पुलिस ने मौके से कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि धरना स्थल की जगह को भी खोद दिया गया है। इन तमाम आरोपों और देर रात हुई कार्रवाई पर फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का आधिकारिक बयान आना बाकी है। 40 दिनों से लगातार चल रहा था आंदोलन छाता शुगर मिल को पुनः चालू करने की मांग को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और किसान संगठनों का यह आंदोलन काफी समय से सुर्खियां बटोर रहा था। इस धरने की शुरुआत समाजसेवी दीपक शर्मा ने मिल के मुख्य गेट पर की थी। कुछ दिनों बाद प्रशासन द्वारा उन्हें हटाए जाने पर ग्रामीणों ने आंदोलन की कमान खुद संभाली। दीपक शर्मा के हटने के बाद सूबेदार कर्मयोगी के नेतृत्व में ग्रामीण पिछले 40 दिनों से लगातार दिन-रात धरने पर डटे हुए थे। सोशल मीडिया पर अपील के बाद पंचायतों का दौर धरना स्थल हटाए जाने के तुरंत बाद आंदोलनकारियों ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है। सूबेदार कर्मयोगी ने वीडियो जारी कर इलाके के किसानों और ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में एकजुट होकर पहुंचने का आह्वान किया है। इस घटनाक्रम के बाद आसपास के गांवों में ग्रामीणों की छोटी-छोटी पंचायतें आयोजित कर अपना विरोध दर्ज कराया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियोज में कुछ ग्रामीण स्थानीय कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते दिख रहे हैं। इलाके में तनाव, LIU और पुलिस बल अलर्ट घटना के बाद इलाके में उपजे जनाक्रोश और तनाव को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। छाता कस्बे सहित आसपास के संवेदनशील गांवों में पुलिस कर्मियों को तैनात कर दिया गया है। उच्चाधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। किसी भी संभावित विरोध प्रदर्शन या पंचायत की अग्रिम सूचना के लिए खुफिया विभाग (LIU) की टीमों को गांवों में सक्रिय कर दिया गया है। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त बढ़ा दी गई है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Tech News: Google Translate का नया धमाका; अब बिना इंटरनेट के भी कर सकेंगे लाइव ट्रांसलेशन ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]