देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कम समय के अंतराल में तीसरी बार हिमाचल प्रदेश पहुंचे। राज्य में विधानसभा चुनाव की आहट के साथ मोदी के ये धुआंधार दौरे कई मायनों में खास हैं। इससे पहले वे 5 अक्टूबर और 24 सितंबर को हिमाचल प्रदेश के दौरे पर आए थे। आज(13 अक्टूबर) हिमाचल पहुंचने पर सबसे पहले मोदी ने ऊना में देश की चौथी वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। https://twitter.com/BJP4India/status/1580424618749284353?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1580424618749284353%7Ctwgr%5Ea582f4f3182c6630cc6b0d45fec4ac22d0422ce6%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fstatic.asianetnews.com%2Ftwitter-iframe%2Fshow.html%3Furl%3Dhttps%3A%2F%2Ftwitter.com%2FBJP4India%2Fstatus%2F1580424618749284353%3Fref_src%3Dtwsrc5Etfw गुरुनानक जी को स्मरण करते हुए, गुरुओं का स्मरण करते हुए, मां चिंतपूर्णी के चरणों में नमन करते हुए, धनतेरस और दीपावली से पहले हिमाचल को हजारों करोड़ रुपए का उपहार देते हुए मुझे खुशी हो रही है। मैंने यहां इतना लंबा समय बिताया है कि जब भी ऊना आता हूं, पिछली यादें आंखों के सामने आ जाती हैं। मुझे कई बार मां चिंतपूर्णी देवी के सामने माथा टेकने और आर्शीवाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला है। हिमाचल में पहले जो सरकारें रही और दिल्ली में भी जो लोग बैठे थे, वो आप लोगों की जरूरतों को पूरा करने में उदासीन रहे। आपकी आशा और आकांक्षाओं को वो कभी समझ ही नहीं पाए। प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के आह्वान ने सरकार की विभिन्न नई पहलों के समर्थन के माध्यम से देश को कई क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाया है। ऐसा ही एक प्रमुख क्षेत्र फार्मास्यूटिकल्स है। इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाने के लिए ऊना जिले के हरोली में बल्क ड्रग पार्क बनाया जा रहा है। यह 1900 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया जाएगा। पार्क एपीआई आयात पर निर्भरता को कम करने में मदद करेगा। इसमें करीब 10,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है और 20,000 से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करेगा। यह क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) ऊना का शुभारंभ। इसकी आधारशिला 2017 में प्रधानमंत्री ने रखी थी। वर्तमान में इस संस्थान में 530 से अधिक छात्र अध्ययन कर रहे हैं। यहां दो पनबिजली परियोजनाओं 48 मेगावाट की छंजू-III पनबिजली परियोजना और 30 मेगावाट की देवथल छंजू पनबिजली परियोजना की आधारशिला। इन दोनों परियोजनाओं से सालाना 270 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन होगा और इन परियोजनाओं से हिमाचल प्रदेश को लगभग 110 करोड़ रुपए का वार्षिक राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है। राज्य में लगभग 3,125 किलोमीटर सड़कों के अपग्रेडेशन के लिए हिमाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई)-III का शुभारंभ। राज्य के 15 सीमावर्ती और दूर-दराज के ब्लॉकों में 440 किलोमीटर सड़कों के अपग्रेडेशन के लिए केन्द्र सरकार ने 420 करोड़ रुपये से अधिक स्वीकृत किए हैं।