नशे की हालत में व्यक्ति क्या कुछ कर दे, यह उसे तभी पता चल पाता है, जब जान जोखिम में पड़ जाए। कुछ ऐसी ही घटना गढ़वा थाना क्षेत्र के परिहारा पंचायत के कीतासोती खुर्द गांव में सामने आई है। शराब के नशे में कीतासोती खुर्द गांव निवासी बिरजालाल राम भुइयां ने अजगर को पकड़ कर अपने शरीर में लपेट लिया। लेकिन जब अजगर ने उसकी गर्दन को जकड़ने लगा, तब बिरजालाल जान बचाने के लिए गुहार लगाने लगा। इसकी जानकारी मिलने पर बिरजालाल के बेटा ने अपने दोस्तों की मदद से उसके शरीर में लिपटे अजगर को हटाकर पिता की जान बचायी। घटना बुधवार की शाम की है। इस घटना में बिरजालाल के शरीर में हल्की चोट भी आई है। लेकिन गांव में ही उसका इलाज कराया गया है। अन्नराज नहर में मछली मारने गया था अधेड़ अन्नराज डैम से निकली नहर कीतासोती खुर्द गांव से होकर गुजरती है। इन दिनों नहर में डैम का पानी नहीं आ रहा है। इस कारण नहर में बहुत कम पानी है। ऐसे में अधिकांश ग्रामीण उस नहर में मछली मारते हैं। बताया गया कि कीतासोती खुर्द गांव निवासी 55 वर्षीय बिरजालाल राम भुइयां भी मछली मारने के लिए गया था। तब वह शराब के नशे में भी था। अस्सी चेन नहर के पास मछली पकड़ने के इरादे से पानी में उतरने पर बिरजालाल को एक अजगर दिख गया। बिरजालाल ने उस अजगर को पकड़ने का प्रयास किया। तब अजगर ने उसके पैर में लिपटने लगा। बताया गया कि बिरजालाल ने अजगर से बचने का प्रयास नहीं किया, बल्कि उसे अपने गर्दन में लपेटने लगा। https://twitter.com/i/status/1590591791052775424 गर्दन को जकड़ने का प्रयास कर रहे अजगर को युवकों ने हटाया बिरजालाल ने अजगर को गर्दन में लपेटकर नहर से बाहर निकलने लगा तो अजगर ने उसके गर्दन को जकड़ने लगा। तब बिरजालाल ने अजगर को शरीर से अलग करने का प्रयास करते हुए मदद के लिए चिल्लाने लगा। वहां मछली मार रहे युवकों ने बिरजालाल के बेटा रंजीत को इसकी सूचना दी। तब भागे-भागे वहां पहुंचे रंजीत ने पिता के गर्दन से अजगर को अलग करने का प्रयास किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रंजीत व उसके दोस्त की मदद से करीब 15- 20 मिनट की मशक्कत के बाद अजगर को बिरजालाल के शरीर से अलग किया जा सका। इस दौरान गिरने से बिरजालाल के शरीर में चोट भी लगी है। लेकिन अब बिरजालाल पूरी तरह से ठीक है।