
यूनिक समय, मथुरा। जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने जिला अस्पताल में हड़कंप मचा दिया। आमतौर पर सांप के काटने के बाद लोग डरकर अस्पताल भागते हैं, लेकिन यहाँ एक ई-रिक्शा चालक सांप के काटने के बाद उसे अपने साथ जेब में जिंदा लेकर ही डॉक्टर के पास पहुंच गया। जैसे ही उसने इलाज के दौरान अपनी जेब से सांप निकाला, अस्पताल में चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे।
जेब से निकाला डेढ़ फुट लंबा जिंदा सांप
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉक्टर नीरज अग्रवाल ने मंगलवार को इस हैरान करने वाले मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोमवार को नगर निवासी 39 वर्षीय ई-रिक्शा चालक दीपक अस्पताल आया था। उसने डॉक्टरों से कहा कि उसे सांप ने काट लिया है और वह सबूत के तौर पर उसी सांप को अपनी जेब में डालकर लाया है। दीपक ने मांग की कि उसे तुरंत ‘एंटी वेनम इंजेक्शन’ लगाया जाए। जब उसने करीब डेढ़ फुट लंबा जिंदा सांप जेब से बाहर निकाला, तो वहां मौजूद स्टाफ और अन्य मरीजों के होश उड़ गए।
अस्पताल में प्रदर्शन और पुलिस की एंट्री
डॉक्टरों ने सुरक्षा कारणों से दीपक से सांप को अस्पताल के बाहर छोड़ने को कहा, क्योंकि इससे अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों की जान को खतरा हो सकता था। लेकिन दीपक सांप को छोड़ने को तैयार नहीं हुआ और अस्पताल के अंदर ही प्रदर्शन करने लगा। स्थिति बिगड़ती देख डॉक्टरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दीपक को समझाया और सांप को अपने कब्जे में लिया, तब कहीं जाकर अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल शांत हुआ।
इलाज के बाद भेजा गया घर
CMS डॉक्टर नीरज अग्रवाल ने बताया कि सांप को दूर करने के बाद दीपक को जरूरी एंटी वेनम इंजेक्शन दिया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत सामान्य होने पर उसे घर भेज दिया गया है। हालांकि, डॉक्टरों को संदेह है कि सांप पालतू भी हो सकता है, लेकिन अस्पताल जैसे सार्वजनिक स्थान पर जिंदा सांप लेकर आना बेहद खतरनाक साबित हो सकता था। मथुरा में यह मामला अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
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