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India News: सदन में वापस लौटे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला; विपक्ष के आरोपों को किया पूरी तरह खारिज

by Tarun Bhardwaj • March 12, 2026
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यूनिक समय, नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला गुरुवार को एक बार फिर सदन की कार्यवाही में लौट आए हैं। विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के ध्वनिमत से खारिज होने के बाद, स्पीकर ने सदन को संबोधित करते हुए भावुक लेकिन बेहद सख्त लहजे में अपना पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन की गरिमा नियमों से चलती है, न कि किसी व्यक्ति के विशेषाधिकार से।

“विरासत में मिले नियमों का पालन मेरा कर्तव्य”

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अविश्वास प्रस्ताव पर चली 12 घंटे की लंबी बहस के बाद सदन में लौटते ही विपक्ष द्वारा लगाए गए ‘पक्षपात’ के आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने अपनी तटस्थता का प्रमाण देते हुए कहा कि जैसे ही उन्हें अपने खिलाफ प्रस्ताव का नोटिस मिला, उन्होंने खुद को सदन की कार्यवाही से स्वेच्छा से दूर कर लिया था ताकि चर्चा पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे। सदन को संबोधित करते हुए उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यह कुर्सी किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि पूरे सदन की प्रतिष्ठा और गौरव का प्रतीक है, जिसकी गरिमा बनाए रखना उनका सर्वोच्च कर्तव्य है।

राहुल गांधी और ‘विशेषाधिकार’ पर कड़ा जवाब

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने से रोकने के आरोपों पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट संवैधानिक और तकनीकी स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सदन में नियमों से ऊपर कोई नहीं है, और चाहे वे प्रधानमंत्री हों, केंद्रीय मंत्री हों या विपक्ष के नेता, हर किसी को अपनी बात रखने या बयान देने के लिए स्थापित नियमों के तहत पूर्व नोटिस देना अनिवार्य है।

राहुल गांधी के संदर्भ में लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए स्पीकर ने किसी भी प्रकार के विशेष विशेषाधिकार का खंडन किया और स्पष्ट किया कि कुछ सदस्यों का यह मानना गलत है कि नेता प्रतिपक्ष सदन की मर्यादा से ऊपर हैं; सदन की कार्यवाही केवल उन्हीं नियमों से संचालित होगी जो उन्हें विरासत में मिले हैं और जिन्हें सदन ने ही बनाया है।

संसदीय इतिहास की तीसरी बड़ी घटना

स्वतंत्र भारत के संसदीय इतिहास में यह केवल तीसरा ऐसा अवसर था जब किसी लोकसभा अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में विस्तृत चर्चा हुई, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया की एक दुर्लभ और बड़ी घटना मानी जा रही है। इस चर्चा के दौरान विपक्ष ने पुरजोर तर्क देते हुए आरोप लगाया था कि सदन में उनकी आवाज को दबाया जा रहा है और अध्यक्ष की कार्यप्रणाली में निष्पक्षता का अभाव है। इन आरोपों पर पलटवार करते हुए स्पीकर ओम बिरला ने अपना पक्ष मजबूती से रखा और स्पष्ट किया कि उन्होंने न केवल नियमों का पालन किया है, बल्कि हमेशा उन सदस्यों को भी सदन की कार्यवाही में भाग लेने के लिए विशेष रूप से प्रोत्साहित किया है जो अपनी बात रखने में झिझकते रहे हैं।

140 करोड़ भारतीयों का प्रतिनिधित्व

सदन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए ओम बिरला ने कहा कि यह सदन 140 करोड़ भारतीयों की इच्छा का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने उन सभी सदस्यों का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने बहस के दौरान उनका समर्थन किया और उनका भी जिन्होंने आलोचनात्मक विचार साझा किए, क्योंकि यही लोकतंत्र की खूबसूरती है।

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