
यूनिक समय, नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में मौसम का मिजाज एक बार फिर चुनौतीपूर्ण हो गया है। मंगलवार की सुबह दिल्लीवासियों के लिए दोहरी मुसीबत लेकर आई—एक ओर जहाँ यलो अलर्ट के बीच हुई बारिश और बर्फीली हवाओं ने कड़ाके की ठंड को और घातक बना दिया है, वहीं दूसरी ओर हवा की गुणवत्ता (Air Quality) में भारी गिरावट दर्ज की गई है। प्रदूषण से जो राहत पिछले कुछ दिनों में मिली थी, वह अब फिर से ‘खराब’ और ‘बेहद खराब’ श्रेणी में बदल गई है।
मौसम का मिजाज
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की भविष्यवाणी सच साबित हुई और मंगलवार सुबह दिल्ली-NCR के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई। सुबह की शुरुआत घने कोहरे और धुंध के साथ हुई, जिसके बाद तेज ठंडी हवाओं ने तापमान में भारी गिरावट ला दी।
मौसम विभाग ने 27 जनवरी के लिए पहले ही यलो अलर्ट जारी किया था। बारिश के कारण वातावरण में नमी बढ़ गई है, जिससे आने वाले 24 घंटों में गलन और अधिक बढ़ने की संभावना है।
प्रदूषण का ग्राफ
फिर से ‘ग्रे’ हुई राजधानी की फिजाशुक्रवार से रविवार के बीच हवा की गति तेज होने के कारण AQI 150 के करीब पहुंच गया था, लेकिन मंगलवार सुबह यह फिर से चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के मुताबिक, दिल्ली का औसत AQI 281 (खराब श्रेणी) दर्ज किया गया है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार राजधानी के कई प्रमुख इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंच चुका है, जिसमें जहांगीरपुरी 367, वजीरपुर 363, आनंद विहार 362 और रोहिणी 359 AQI स्तर के साथ सबसे अधिक प्रदूषित रहे, जबकि सोनिया विहार में 332 और चांदनी चौक में 319 के साथ हवा ‘बहुत खराब’ दर्ज की गई, वहीं लोधी रोड 184 AQI के साथ तुलनात्मक रूप से बेहतर ‘मध्यम’ श्रेणी में बना हुआ है।
स्वास्थ्य पर प्रभाव और सावधानी
हवा की गुणवत्ता खराब होने और साथ में कड़ाके की ठंड व बारिश होने से सांस के मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए जोखिम बढ़ गया है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि प्रदूषण के दौरान बाहर निकलने पर मास्क का उपयोग करें और ठंडी हवाओं से बचने के लिए गर्म कपड़ों की उचित लेयरिंग करें।
नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
Leave a Reply