Fri, Jun 5th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

Vrindavan: संगीत की स्वर लहरियों के साथ मना ‘बसंतोत्सव; ध्रुपद-धमार के प्राचीनतम पद ने जीता दिल

by Tarun Bhardwaj • January 24, 2026
Advertisement
Ad

यूनिक समय, वृंदावन। गुरु अजनेश्वरधाम भागवत संगीत विद्यापीठ एवं श्रीगोपाल संगीत अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में बसंतोत्सव कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संरक्षक डॉ. हरेकृष्ण शर्मा ‘शरद’ ने कहा कि ईश्वर प्राप्ति का सबसे सरल साधन संगीत ही है।

इस अवसर पर संत किशोरीशरण भक्तमाली (मुखियाजी) ने राग बसंत में ध्रुपद-धमार के प्राचीनतम पद सुनाकर उपस्थित श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम संयोजक डॉ. रामश्याम युगलबंधु ने बताया कि बच्चों की प्रतिभा निखारने और उन्हें उचित मंच प्रदान करने के उद्देश्य से यह बसंतोत्सव आयोजित किया गया है।

समारोह में छात्र-छात्राओं ने यमन एवं भीमपलासी रागों में मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान भागवताचार्य डॉ. मुकेश मोहन शास्त्री, तरुणकृष्ण, प्रिया शर्मा, नंदिनी शर्मा, शिवानी शर्मा, वैष्णवी, निकेश, उद्धव, दीपिका, दीपांशी, संस्कार, चाणक्य, ब्रजकिशोर तथा रिया व अनुराधा शर्मा आदि ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़े: Cricket News: ICC का कड़ा प्रहार; टी20 विश्व कप से बांग्लादेश को किया बाहर, स्कॉटलैंड की हुई ‘वाइल्ड कार्ड’ एंट्री

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.