
यूनिक समय, नई दिल्ली। राजस्थान की भजनलाल सरकार ने प्रदेश की सियासत में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी बदलाव का निर्णय लिया है। बुधवार 25 फरवरी 2026 को हुई कैबिनेट की अहम बैठक में यह फैसला लिया गया कि अब दो से अधिक संतान वाले व्यक्ति भी नगर निकाय और पंचायत चुनाव लड़ने के पात्र होंगे। सरकार ने इस पाबंदी को हटाने के लिए मौजूदा विधानसभा सत्र में ही विधेयक लाने की तैयारी कर ली है, जिससे प्रदेश के लाखों उन लोगों को राहत मिलेगी जो इस नियम के कारण चुनाव लड़ने से वंचित रह जाते थे।
“सक्षम लोग क्यों न लड़ें चुनाव?” – सरकार का तर्क
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए कानून मंत्री जोगाराम पटेल और कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार का पक्ष रखा। राठौड़ ने कहा कि वर्तमान समय में लोग जनसंख्या नियंत्रण को लेकर काफी जागरूक हो चुके हैं। उन्होंने तर्क दिया कि जो लोग आर्थिक रूप से सक्षम हैं और अपने बच्चों का पालन-पोषण अच्छे से कर सकते हैं, उन्हें चुनावी प्रक्रिया से बाहर रखना उचित नहीं है।
RSS के एजेंडे पर सियासी संग्राम
इस फैसले को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि राज्य सरकार RSS के एजेंडे पर काम कर रही है। इन आरोपों पर पलटवार करते हुए राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा, “यह निर्णय किसी विचारधारा से प्रभावित नहीं है। अगर हम किसी विशेष विचारधारा से प्रेरित होते, तो शायद तीन या उससे अधिक बच्चों वालों को भी खुली छूट दे देते। यह पूरी तरह से लोकतांत्रिक और व्यावहारिक फैसला है।”
कैबिनेट के अन्य बड़े फैसले
राजस्थान कैबिनेट की हालिया बैठक में केवल चुनावी नियमों में बदलाव ही नहीं किया गया बल्कि शिक्षा, निवेश और ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों के लिए भी पांच बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में अजमेर में ‘राजस्थान आयुर्वेद, योग तथा नेचुरोपैथी विश्वविद्यालय’ की स्थापना के विधेयक को मंजूरी देकर राज्य को आयुष चिकित्सा का केंद्र बनाने की पहल की गई है। साथ ही प्रदेश को एक वैश्विक इन्वेस्टमेंट हब के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ‘राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति-2026’ के प्रारूप को भी हरी झंडी दी गई है।
सरकारी कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए ग्राम विकास अधिकारी संवर्ग में पदोन्नति के अवसरों को बढ़ाने के लिए ‘वरिष्ठ ग्राम विकास अधिकारी’ के नए पदों के सृजन का निर्णय लिया गया है। सुरक्षा और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु राजस्व आसूचना एवं आर्थिक अपराध निदेशालय के गठन को मंजूरी मिली है जो आर्थिक अपराधों पर प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित करेगा।
अंततः ऊर्जा के क्षेत्र में राजस्थान को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए तीन जिलों में चार नई सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन को भी कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान कर दी है।
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