
यूनिक समय, मथुरा। जनपद की बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) श्रीमती रतन कीर्ति ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा से विभाग के साथ-साथ आम जनमानस का दिल जीत लिया है। बीएसए ने शहर के अमर हॉस्पिटल पहुँचकर आईसीयू (ICU) में जिंदगी की जंग लड़ रही शिक्षिका श्रीमती मधु बाला की कुशलक्षेम जानी और उनके बेहतर उपचार के लिए कड़े निर्देश दिए।
अस्पताल के आईसीयू वार्ड में पहुँचीं बीएसए
मथुरा की बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रीमती रतन कीर्ति ने औपचारिकता से परे अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सीधे अस्पताल के आईसीयू वार्ड में प्रवेश किया और वहां भर्ती शिक्षिका श्रीमती मधु बाला की गंभीर स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने उपस्थित चिकित्सकों से शिक्षिका के स्वास्थ्य और चल रहे उपचार के संबंध में विस्तार से चर्चा की और डॉक्टरों से स्पष्ट रूप से आग्रह किया कि शिक्षिका के जीवन को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं तथा इलाज की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। अस्पताल में मौजूद शिक्षिका के परिजनों से मिलकर बीएसए ने उन्हें ढांढस बंधाया और यह अटूट विश्वास दिलाया कि इस कठिन समय में पूरा शिक्षा विभाग उनके परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़ा है और हर स्तर पर आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।
तत्काल वेतन वृद्धि के आदेश
मथुरा की बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रीमती रतन कीर्ति ने अपने इस दौरे के दौरान न केवल भावनात्मक सांत्वना दी, बल्कि प्रशासनिक संवेदनशीलता का परिचय देते हुए पीड़ित परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में भी त्वरित और ठोस कदम उठाया। उन्होंने शिक्षकों को विभाग की असली रीढ़ बताते हुए स्पष्ट किया कि शिक्षिका मधु बाला के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए विभाग स्तर पर जो भी सहयोग आवश्यक होगा, उसे सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। अपनी इसी संवेदनशीलता को अमली जामा पहनाते हुए बीएसए ने मौके पर ही अस्पताल से ही शिक्षिका की तत्काल वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) लगाने के आधिकारिक आदेश जारी कर दिए। इस साहसिक और मानवीय निर्णय का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि इस कठिन समय में शिक्षिका के परिवार को किसी भी प्रकार की वित्तीय कठिनाई का सामना न करना पड़े।
शिक्षा विभाग में प्रशंसा की लहर
मथुरा के शिक्षा जगत में बीएसए की इस पहल की काफी सराहना हो रही है। अधिकारियों का मानना है कि एक मुखिया का अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के प्रति ऐसा जुड़ाव और संवेदनशीलता पूरी टीम के मनोबल को बढ़ाती है। बीएसए ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया है कि शिक्षिका को श्रेष्ठ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
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