यूनिक समय, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक अंतरिम शांति समझौते के बाद जहां एक तरफ वैश्विक बाजारों में हलचल मची है, वहीं दूसरी तरफ भारत सरकार ने देश में ईंधन की स्थिति को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी राहत देने वाला आधिकारिक बयान जारी किया है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (Ministry of Petroleum and Natural Gas) ने देशवासियों को आश्वस्त करते हुए दो टूक शब्दों में साफ किया है कि देश के भीतर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (LPG रसोई गैस) की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य, निर्बाध और स्थिर बनी हुई है। सरकार ने आम जनता से विशेष अपील की है कि वे सोशल मीडिया या किसी भी अन्य माध्यम पर चल रही ईंधन की किल्लत की भ्रामक अफवाहों पर बिल्कुल भी ध्यान न दें और पैनिक बाइंग (घबराहट में जरूरत से ज्यादा तेल खरीदना) करने से बचें। सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर सक्रिय पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए देश को राष्ट्रीय ईंधन सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाया। उन्होंने देश के ऊर्जा संकट की तमाम अटकलों को खारिज करते हुए बताया कि भारत की सभी सार्वजनिक और निजी तेल रिफाइनरियां (Refineries) अपनी पूरी और अधिकतम क्षमता के साथ दिन-रात सुचारू रूप से काम कर रही हैं। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर पैदा होने वाली किसी भी आपात स्थिति या कूटनीतिक उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए देश के पास कच्चे तेल (Crude Oil) का पर्याप्त, सुरक्षित और मजबूत रणनीतिक भंडार मौजूद है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश की इंटरनल सप्लाई चेन में कहीं कोई रुकावट या तकनीकी बाधा नहीं है और मंत्रालय की उच्च स्तरीय टीम पल-पल की स्थिति पर बारीक नजर रख रही है। कुछ पेट्रोल पंपों पर क्यों उमड़ी अचानक भीड़? प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने हाल के दिनों में देश के कुछ प्रमुख शहरों के रिटेल पेट्रोल पंपों पर देखी गई अतिरिक्त भीड़, वाहनों की लंबी कतारों और अचानक बढ़ी हुई बिक्री का तकनीकी कारण भी खुलकर साझा किया। उन्होंने बताया कि बाजार में तेल की कोई वास्तविक कमी नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक व्यावसायिक कारण है। दरअसल, वैश्विक बाजारों में हो रहे बदलावों के कारण कई बड़े औद्योगिक (Industrial), संस्थागत (Institutional), वाणिज्यिक (Commercial) और प्रत्यक्ष खरीदार, जो आमतौर पर सीधे तेल कंपनियों के थोक सप्लाई चैनल (Bulk Supply) से भारी मात्रा में डीजल-पेट्रोल खरीदते थे, वे भी अब वित्तीय समीकरणों के चलते अपनी दैनिक जरूरतों के लिए सीधे आम जनता वाले खुदरा पेट्रोल पंपों (Retail Outlets) का रुख कर रहे हैं। इस अचानक हुए बड़े कमर्शियल डाइवर्जन के कारण कुछ चुनिंदा खुदरा पेट्रोल पंपों पर बिक्री के आंकड़े सामान्य दिनों के मुकाबले काफी ज्यादा दिखाई दे रहे हैं, जिसे आम लोग गलतफहमी और आशंका के चलते ईंधन की किल्लत मान बैठे हैं। तेल कंपनियों को सख्त निर्देश सरकार ने आम उपभोक्ताओं को पूरी तरह आश्वस्त करते हुए एक बार फिर दोहराया है कि उन्हें अपनी गाड़ियों में ईंधन डलवाने या रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग को लेकर जरा भी घबराने या पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों (जैसे IOCL, BPCL और HPCL) को देश के कोने-कोने तक ईंधन की सुचारू और बिना रुके आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी मुस्तैदी से काम करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के बाद 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) के दोबारा पूरी तरह खुलने की खबरों के बीच भारत के लिए आने वाले दिनों में ऊर्जा सुरक्षा और कच्चे तेल के आयात के मोर्चे पर हालात और ज्यादा अनुकूल एवं सस्ते होने की उम्मीद है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Aus Vs Ban: ऑस्ट्रेलियाई टीम को बड़ा झटका; बांग्लादेश टी20 सीरीज से बाहर हुए कैमरून ग्रीन ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]