यूनिक समय, नई दिल्ली। अमेरिका की एक फेडरल कोर्ट में उस समय सन्नाटा पसर गया जब 47 वर्षीय पाकिस्तानी नागरिक आसिफ मर्चेंट ने अपनी आपबीती सुनाई। आतंकवाद और हत्या की साजिश के आरोपों का सामना कर रहे मर्चेंट ने खुलासा किया है कि उसे डोनाल्ड ट्रंप, जो बाइडेन और निक्की हेली की हत्या करने के लिए ईरान की ओर से मजबूर किया गया था। ब्रुकलिन की कोर्ट में जूरी के सामने रोते हुए आसिफ ने कहा कि उसके पास कोई और रास्ता नहीं था क्योंकि उसके परिवार की जान खतरे में थी। ईरानी जासूसों का 'डेथ ट्रैप' पाकिस्तानी नागरिक आसिफ मर्चेंट ने कोर्ट में खुलासा किया है कि किस तरह ईरानी हैंडलर्स ने उसकी मजबूरी का फायदा उठाकर उसे एक खतरनाक 'डेथ ट्रैप' में फंसाया था। पूर्व बैंक कर्मचारी आसिफ के अनुसार, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के सदस्य मेहरदाद यूसुफ ने ईरान में रह रही उसकी पत्नी और बेटी को जान से मारने की धमकी दी थी और घर पर हथियार दिखाकर उसे इस साजिश के लिए मजबूर किया था। मर्चेंट को अप्रैल 2024 में अमेरिका भेजा गया था, जहाँ उसे बाद में डोनाल्ड ट्रंप, जो बाइडेन और निक्की हेली जैसे तीन बड़े राजनीतिक दिग्गजों को निशाना बनाने का काम सौंपा गया। इस पूरी साजिश का पर्दाफाश तब हुआ जब जून 2024 में क्वींस के एक मोटल में आसिफ की मुलाकात अंडरकवर FBI एजेंटों से हुई, जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग में उसे इन हाई-प्रोफाइल टारगेट को खत्म करने की योजना पर चर्चा करते हुए देखा गया है। "सिर्फ 5,000 डॉलर में हत्या? कोर्ट में अपना बचाव करते हुए आसिफ मर्चेंट ने बेहद हैरान करने वाले तर्क दिए और दावा किया कि उसके मन में कभी भी इस साजिश को सफल बनाने की इच्छा नहीं थी। उसने जूरी के सामने कहा कि वह पहले से ही जानता था कि वह पकड़ा जाएगा और वास्तव में वह यही चाहता था ताकि अमेरिकी सरकार को सारा सच बता सके। मर्चेंट ने तर्क दिया कि किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय नेता की हत्या के लिए महज 5,000 डॉलर की मामूली रकम देना ही इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि वह इस काम को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं था। उसने अदालत को बताया कि उसका असली मकसद केवल अमेरिका में सुरक्षित रहना और ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करना था। इसके अलावा, उसने यह भी स्वीकार किया कि वह पहले से ही ईरान के लिए मनी लॉन्ड्रिंग का काम कर रहा था ताकि उस पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की काट निकाली जा सके। क्या होगी सजा? आसिफ मर्चेंट को अगस्त 2024 में उस समय हिरासत में लिया गया था, जब वह गिरफ्तारी से बचने के लिए अमेरिका छोड़कर भागने की फिराक में था। वर्तमान में उस पर आतंकवाद फैलाने और एक विदेशी सरकार के इशारे पर सुपारी देकर हत्या की साजिश रचने (Murder-for-hire) जैसे अत्यंत गंभीर और गैर-जमानती आरोप लगाए गए हैं। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान जूरी उसे इन संगीन अपराधों के लिए दोषी करार देती है, तो उसे अमेरिकी कानून के तहत उम्रकैद (Life Imprisonment) की कठोरतम सजा भुगतनी पड़ सकती है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Breaking: मिडल ईस्ट जंग के बीच ‘मसीहा’ बने सोनू सूद; दुबई में फंसे लोगों के लिए फ्री में रहने की जगह करायेंगे मुहैया