Middle East War: राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने पड़ोसी देशों से मांगी माफी; हमलों को लेकर किया बड़ा ऐलान

President Masoud Pezeshkian apologized to neighboring countries

यूनिक समय, नई दिल्ली। हफ़्तों से धधक रहे मध्य पूर्व (Middle-East) के रणक्षेत्र से एक चौंकाने वाली और राहत भरी खबर सामने आ रही है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने खाड़ी देशों पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए संघर्ष को रोकने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की अस्थायी नेतृत्व परिषद ने इस फैसले पर अपनी मुहर लगा दी है, जिसे क्षेत्र में तनाव कम करने की पहली ठोस कोशिश माना जा रहा है।

पड़ोसी देशों से माफी और हमलों पर रोक

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने भीषण युद्ध के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण और कूटनीतिक बयान जारी करते हुए क्षेत्रीय शांति की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। समाचार एजेंसी एएफपी (AFP) के अनुसार, राष्ट्रपति ने सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि वे ईरान की ओर से उन सभी पड़ोसी देशों से माफी मांगते हैं जिन्हें ईरानी हमलों के कारण भारी अस्थिरता और नुकसान का सामना करना पड़ा है।

उन्होंने स्पष्ट रूप से युद्धविराम का संकेत देते हुए घोषणा की है कि जब तक पड़ोसी देशों की ओर से ईरान की संप्रभुता पर कोई हमला नहीं होता, तब तक ईरान उन पर किसी भी प्रकार का मिसाइल या ड्रोन हमला नहीं करेगा। इस अभूतपूर्व माफीनामे के पीछे ईरान का मुख्य उद्देश्य मौजूदा संकट को पूरे क्षेत्र में फैलने से रोकना और मध्य-पूर्व में स्थिरता बहाल करने के लिए क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है।

खामेनेई की मौत के बाद भड़का था ‘प्रतिशोध’

मिडिल-ईस्ट में प्रतिशोध की यह भीषण ज्वाला पिछले हफ्ते हुए उन हमलों के बाद भड़की थी, जिसने पूरे क्षेत्र को एक विनाशकारी युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया था। अंतरराष्ट्रीय खबरों के अनुसार, अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरानी ठिकानों को निशाना बनाकर की गई बमबारी में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत सैकड़ों अन्य लोगों की मौत हो गई थी।

इस अपूरणीय क्षति के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में स्थित अमेरिकी और इजरायली सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों की भारी बारिश कर दी थी। इन लगातार जारी हमलों और जवाबी कार्यवाहियों ने न केवल युद्ध की स्थिति पैदा की, बल्कि पड़ोसी खाड़ी देशों में भी भारी दहशत और अस्थिरता का माहौल बना दिया था।

अमेरिका-इजरायल को दो-टूक चेतावनी

पड़ोसी देशों के प्रति नरमी और माफी का रुख अपनाने के बावजूद, राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने पश्चिमी शक्तियों के खिलाफ ईरान के तेवर बेहद कड़े रखे हैं। सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित अपने संबोधन में उन्होंने दो-टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया कि ईरान किसी भी परिस्थिति में इजरायल या संयुक्त राज्य अमेरिका के दबाव के आगे आत्मसमर्पण (Surrender) नहीं करेगा।

दुश्मनों को सीधी चुनौती देते हुए उन्होंने कड़े लहजे में चेतावनी दी कि जो लोग ईरानी जनता के घुटने टेकने की उम्मीद लगाए बैठे हैं, उन्हें अपनी इस इच्छा को अपने साथ कब्र में ले जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि देश की संप्रभुता सर्वोपरि है और ईरान अपनी रक्षा के लिए हर संभव और कड़ा कदम उठाना जारी रखेगा।

ईरान के इस माफीनामे को मिडिल-ईस्ट की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि सुप्रीम लीडर की अनुपस्थिति में ईरान अपनी क्षेत्रीय रणनीति को दोबारा संगठित करने की कोशिश कर रहा है ताकि वह सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल से निपट सके।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़े: Mathura News: योगी के मथुरा आगमन से पहले ‘खाकी’ का कड़ा पहरा; नेताओं से लेकर मंदिर के गोस्वामी तक नजरबंद

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*