India News: मिडिल ईस्ट संकट पर एक्शन मोड में मोदी सरकार; अमित शाह की अगुवाई में ‘हाई-पावर’ कमेटी गठित

Modi government in action mode on Middle East crisis

यूनिक समय, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बाद उत्पन्न हुए वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए भारत सरकार ने अपनी तैयारियों को नई धार दे दी है। केंद्र सरकार ने स्थिति पर पैनी नजर रखने और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों को कम करने के लिए एक तीन सदस्यीय शक्तिशाली मंत्री समूह (GoM) का गठन किया है।

संकट से निपटने के लिए ‘त्रिमूर्ति’ की कमान

ईरान संकट से निपटने के लिए गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय ‘त्रिमूर्ति’ समिति का गठन किया गया है, जिसमें विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को शामिल किया गया है। यह शक्तिशाली समूह विशेष रूप से आंतरिक सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला के विश्लेषण की जिम्मेदारी संभालेगा। जहाँ अमित शाह समग्र समन्वय और सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे, वहीं एस. जयशंकर युद्धरत देशों के साथ कूटनीतिक संवाद बनाए रखेंगे और हरदीप सिंह पुरी घरेलू बाजार में ईंधन व गैस की निर्बाध उपलब्धता की निगरानी करेंगे।

एलपीजी की कमी दूर करने पर विशेष जोर

उच्चस्तरीय समिति का प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मिडिल ईस्ट के युद्ध का नकारात्मक प्रभाव भारतीय रसोई तक न पहुंचे, जिसके लिए एलपीजी की कमी को दूर करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। देश के कुछ हिस्सों में सिलेंडरों की किल्लत की खबरों को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय को नए वैकल्पिक स्रोतों की खोज करने और वितरण व्यवस्था को अधिक सुचारू बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही, तेल कंपनियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे गैस और तेल का पर्याप्त बफर स्टॉक (भंडारण) बनाए रखें, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में देश के आम उपभोक्ताओं को ईंधन की आपूर्ति में कोई बाधा न आए।

कूटनीतिक जीत

जहाँ वैश्विक तनाव के कारण पूरी दुनिया का व्यापार लगभग ठप पड़ा है, वहीं भारत ने अपनी मज़बूत कूटनीति के दम पर एक बड़ा रास्ता निकालते हुए ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से अपने जहाजों को सुरक्षित निकालने में सफलता हासिल की है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच हुई सफल वार्ता के परिणामस्वरूप, ईरान ने भारतीय जहाजों को इस प्रतिबंधित मार्ग से गुजरने की विशेष अनुमति प्रदान की है। इसी कूटनीतिक जीत का नतीजा है कि बुधवार रात से गुरुवार सुबह के बीच भारतीय बेड़ा सफलतापूर्वक ट्रांजिट कर रहा है, जिससे युद्ध के कारण फंसी तेल आपूर्ति बहाल होगी और देश में ईंधन की किल्लत काफी हद तक कम हो जाएगी।

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