यूनिक समय, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम की खबरों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक विस्फोटक बयान ने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है। ट्रंप ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को पूरी तरह से 'फर्जी और मनगढ़ंत' करार दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि अमेरिका ईरान की 10 कड़ी शर्तों पर सीजफायर के लिए तैयार हो गया है। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अमेरिकी सेना पीछे नहीं हटेगी और यदि शांति वार्ता विफल रही, तो ईरान को 'कयामत' का सामना करना पड़ेगा। "10 सूत्री प्लान पूरी तरह झूठ" राष्ट्रपति ट्रंप ने न्यूयॉर्क टाइम्स और सीएनएन जैसी मीडिया संस्थाओं पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने लिखा, "फेल साबित हो रहे मीडिया घरानों ने ईरान वार्ता को लेकर जो 10 सूत्री प्लान पेश किया है, वह पूरी तरह झूठ और शांति प्रक्रिया को बदनाम करने की साजिश है। यह एक घिनौना होक्स (Hoax) है।" ट्रंप ने स्पष्ट किया कि सभी अमेरिकी जहाज, विमान और सैन्य कर्मी ईरान के अंदर और आसपास अपनी जगह पर मजबूती से बने रहेंगे। उन्होंने सेना को आदेश दिया है कि वे दुश्मन का 'विनाश' करने के लिए तैयार रहें। ट्रंप की अंतिम चेतावनी शांति वार्ता के बीच ट्रंप का लहजा बेहद आक्रामक रहा। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज हर हाल में खुला और सुरक्षित रहेगा। यदि समझौता सिरे नहीं चढ़ा, तो अमेरिका ऐसी गोलाबारी शुरू करेगा जो पहले कभी नहीं देखी गई। ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी सेना फिलहाल 'लोडिंग और आराम' कर रही है और अपनी अगली बड़ी जीत के लिए बेताब है। ईरान ने फिर बंद किया होर्मुज ट्रंप के इस सख्त रुख के बाद ईरान ने भी कड़ा पलटवार किया है। ईरान ने अमेरिका पर सीजफायर की शर्तों के उल्लंघन और लेबनान के मुद्दे पर 'झूठ' बोलने का आरोप लगाया है। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा सील कर दिया है, जिससे सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय जहाज बीच समुद्र में फंस गए हैं। तेहरान ने चेतावनी दी है कि बिना अनुमति गुजरने वाले किसी भी जहाज को उड़ा दिया जाएगा। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने पहले लेबनान (हिजबुल्लाह) को सीजफायर में शामिल करने का वादा किया था, लेकिन अब वह मुकर रहा है। क्या थीं वे 10 कथित शर्तें? मीडिया में प्रचारित उन 10 शर्तों में ईरान पर हमलों की पूर्ण रोक, सभी प्रतिबंधों को हटाना, परमाणु संवर्धन को मंजूरी, अमेरिका द्वारा हर्जाने का भुगतान, खाड़ी से अमेरिकी सेना की वापसी और हिजबुल्लाह के खिलाफ युद्ध का अंत शामिल था। ट्रंप ने इन सभी को 'बकवास' करार दिया है। इस बीच, इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर भीषण बमबारी की है, जिसमें अब तक कई लोगों की मौत की खबर है। इन घटनाक्रमों ने स्पष्ट कर दिया है कि मिडिल ईस्ट में 'सीजफायर' फिलहाल एक दूर का सपना नजर आ रहा है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Puducherry Vidhansabha Chunav: मतदान केंद्र पर नीला बनी आकर्षण का केंद्र; ‘साड़ी’ पहनकर किया मतदाताओं का स्वागत [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]