यूनिक समय, मथुरा। धर्मनगरी वृंदावन के केसी घाट पर शुक्रवार को हुआ दर्दनाक नाव हादसा अब प्रशासन की भारी लापरवाही की कहानी बयां कर रहा है। शनिवार को दूसरे दिन भी यमुना की लहरों के बीच आर्मी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के है। इस हादसे में अब तक 10 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 22 को सुरक्षित निकाला गया है। अभी भी 5 लोग लापता हैं जिनकी तलाश 14 किमी के दायरे में ड्रोन कैमरों की मदद से की जा रही है। कैसे हुआ हादसा? चश्मदीदों और पुलिस जांच में सामने आया है कि यह महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि घोर लापरवाही का नतीजा था। यमुना रिवर फ्रंट परियोजना के तहत पांटून पुल को हटाने का काम चल रहा था। बिना किसी सुरक्षा घेरे या चेतावनी के, बुलडोजर से पीपों को खींचा जा रहा था। मोटरबोट पर क्षमता से अधिक करीब 37 लोग सवार थे। श्रद्धालुओं ने चालक से स्पीड कम करने और नाव वापस मोड़ने की विनती की, लेकिन चालक ने यह कहकर अनसुना कर दिया कि "यह हमारा रोज का काम है।" तेज रफ्तार नाव अचानक अनियंत्रित होकर पांटून पुल से टकरा गई। टक्कर लगते ही नाव एक तरफ झुक गई और वजन बढ़ने के कारण गहरे पानी में पलट गई। लुधियाना के जगरांव में पसरा मातम हादसे का शिकार हुए सभी 10 मृतक पंजाब के लुधियाना जिले के जगरांव के रहने वाले थे। दो बसों में सवार होकर 120 श्रद्धालु वृंदावन दर्शन के लिए आए थे। निधिवन राज मंदिर में दर्शन करने के बाद यह समूह केसी घाट पहुंचा था। मृतकों में अर्जुन मिड्डा की पत्नी आशा रानी, राकेश गुलाटी और उनकी पत्नी अंजू गुलाटी सहित एक ही परिवार के कई सदस्य शामिल हैं। जगरांव में शोक की लहर है। मुआवजे का ऐलान प्रधानमंत्री आपदा कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने घायलों के समुचित इलाज और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। रात में ही तीन डॉक्टरों की टीम ने शवों का पोस्टमार्टम किया। कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर मृतक श्रद्धालुओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। दोषियों पर कसेगा शिकंजा प्रशासन ने यमुना रिवर फ्रंट और पुल हटाने वाली टीम के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की तैयारी कर ली है। नाव चालक पप्पू अभी भी लापता है। पुलिस यह जांच कर रही है कि बिना लाइफ जैकेट और बिना सुरक्षा मानकों के इतनी भीड़ को नाव में बैठने की अनुमति कैसे दी गई। मृतकों की सूची आशा रानी पिंकी कविता मीनू बंसल अंजू गुलाटी चरणजीत राकेश गुलाटी मधुर बहल इशान कटारिया सपना नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Auto News: Bajaj Pulsar 180 की दमदार वापसी; LED हेडलैंप और LCD डैश जैसे हाई-टेक फीचर्स से होंगी लैस [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="10" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]