यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में पानी की टंकी पर चढ़कर रील बनाने के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे ने सीएम योगी आदित्यनाथ को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना से आहत होकर सीएम योगी ने प्रदेश के बच्चों और युवाओं के नाम एक भावुक पत्र लिखा है, जिसे 'योगी की पाती' नाम दिया गया है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल होने की अंधी दौड़ और जानलेवा स्टंट्स के प्रति गहरी चिंता व्यक्त की है। सोशल मीडिया का मोहजाल और बढ़ते खतरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में यह स्वीकार किया है कि सोशल मीडिया रचनात्मकता का एक सशक्त माध्यम है, जिसे उन्होंने 'डिजिटल डेमोक्रेसी' करार दिया है। हालांकि, उन्होंने इसके नकारात्मक पहलुओं को लेकर कड़ी चेतावनी भी जारी की है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की है कि आज के युवा लाइक, व्यूज और फॉलोअर्स बढ़ाने के मोहजाल में फंसकर अपनी जान की परवाह नहीं कर रहे हैं। उन्होंने रेलवे ट्रैक पर वीडियो बनाने, चलती ट्रेन के दरवाजों से लटकने, तेज रफ्तार गाड़ियों पर करतब दिखाने और ऊंची इमारतों या पानी की टंकियों पर खतरनाक ढंग से सेल्फी लेने जैसी गतिविधियों को आत्मघाती बताया है। पत्र में उन्होंने स्पष्ट रूप से लिखा है कि ऐसे जानलेवा स्टंट न केवल युवाओं के लिए घातक हैं, बल्कि उनके परिवार और अपनों के सुनहरे सपनों को भी एक पल में चकनाचूर कर सकते हैं। 'रील' बनाम 'रियल' लाइफ सीएम योगी ने युवाओं को वास्तविकता का बोध कराते हुए कहा कि कुछ सेकंड की लोकप्रियता के लिए जीवन को दांव पर लगाना समझदारी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं को 'रील' और 'रियल' (वास्तविक) जिंदगी के बीच के बड़े अंतर को समझना चाहिए। सच्चा नायक वह है जो सकारात्मक कार्यों और समाज के प्रति अपने योगदान से पहचान बनाता है। युवा देश और समाज का भविष्य हैं, जिन पर राष्ट्र निर्माण की बड़ी जिम्मेदारी है। अभिभावकों से विशेष अपील मुख्यमंत्री ने केवल युवाओं को ही नहीं, बल्कि माता-पिता को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें सोशल मीडिया के खतरों के प्रति जागरूक करें। बच्चों को रचनात्मक कार्यों की ओर प्रेरित करना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। अंत में, मुख्यमंत्री ने अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देने और जिम्मेदारी के साथ तकनीक का उपयोग करने का आह्वान किया है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]