यूनिक समय, नई दिल्ली। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों के लिए 12 मई की सुबह एक बुरी खबर लेकर आई। राजस्थान से शुरू हुए 'गेस पेपर' विवाद और पेपर लीक की पुख्ता खबरों के बाद, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई 2026 को आयोजित हुई परीक्षा को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया है। केंद्र सरकार की हरी झंडी के बाद लिए गए इस फैसले ने 24 लाख परीक्षार्थियों के भविष्य को एक बार फिर अनिश्चितता के भंवर में डाल दिया है। कैसे खुला राज? इस पूरे विवाद की जड़ राजस्थान से जुड़ी है। मीडिया रिपोर्ट्स और जांच में यह दावा किया गया कि परीक्षा से पहले वायरल हुए एक 'गेस पेपर' के करीब 125 सवाल हूबहू असली परीक्षा के पेपर से मैच कर रहे थे। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद जब जांच एजेंसियों ने सत्यापन किया, तो पाया गया कि परीक्षा की शुचिता भंग हो चुकी है। अंततः नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने स्वीकार किया कि "निष्पक्ष, सुरक्षित और भरोसेमंद" (Fair, Secure and Credible) परीक्षा कराने की अपनी प्रतिबद्धता को बनाए रखने के लिए इस धांधली वाली परीक्षा को रद्द करना ही एकमात्र रास्ता था। CBI के शिकंजे में 'सॉल्वर गैंग' मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच का जिम्मा केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया है। NTA ने बताया कि 8 मई को ही कुछ संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट केंद्रीय एजेंसियों को भेजी गई थी। सीबीआई अब उन कड़ियों को जोड़ने में जुटी है कि आखिर परीक्षा से पहले पेपर का इतना बड़ा हिस्सा बाहर कैसे आया और इसके पीछे कौन सा बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है। छात्रों के लिए जरूरी जानकारी परीक्षा रद्द होने से छात्र परेशान जरूर हैं, लेकिन NTA ने उन्हें राहत देने के लिए कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि 3 मई को आयोजित हुई परीक्षा अब पूरी तरह नए सिरे से होगी, जिसकी नई तारीखों का ऐलान जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर कर दिया जाएगा। [embedpress]https://x.com/NTA_Exams/status/2054089524347871736?s=20[/embedpress] राहत की बात यह है कि दोबारा होने वाली इस परीक्षा के लिए छात्रों को न तो कोई नया रजिस्ट्रेशन कराना होगा और न ही उनसे कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क (फीस) लिया जाएगा। साथ ही, उम्मीदवारों का पुराना डेटा और उनके द्वारा पहले से चुने गए परीक्षा केंद्र (सिटी चॉइस) आगामी परीक्षा के लिए भी मान्य रहेंगे। हालांकि, पुराने एडमिट कार्ड अब रद्द माने जाएंगे और परीक्षा की नई तारीख के अनुसार विभाग द्वारा नए सिरे से प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे। सोशल मीडिया की अफवाहों से बचें NTA और शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से अभिभावकों और छात्रों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें। केवल NTA के आधिकारिक चैनलों और वेबसाइट पर जारी सूचनाओं को ही अंतिम माना जाए। NTA ने स्वीकार किया कि इस फैसले से 24 लाख छात्रों और उनके परिवारों को काफी मानसिक और शारीरिक परेशानी होगी, लेकिन एजेंसी ने कहा कि "विश्वास के बिना परीक्षा का कोई मूल्य नहीं है।" यदि यह धांधली वाली परीक्षा रद्द नहीं की जाती, तो भविष्य में राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली पर से भरोसा उठ जाता। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Himanta Sarkar 2.0: हिमंता बिस्वा सरमा ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ; पीएम मोदी की मौजूदगी में हुआ भव्य राज्याभिषेक [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]