यूनिक समय, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संकट के बीच विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) को सुरक्षित रखने और गिरते रुपये को संभालने के लिए भारत सरकार ने बुधवार को सोने और चांदी पर आयात शुल्क (Import Duty) में भारी बढ़ोतरी कर दी है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, सोने और चांदी पर प्रभावी सीमा शुल्क को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया है, जो 13 मई से लागू हो गया है। क्यों बढ़ाई गई ड्यूटी? सरकार द्वारा सोने और चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाने के फैसले के पीछे कई महत्वपूर्ण आर्थिक और भू-राजनीतिक परिस्थितियां जिम्मेदार हैं। सबसे प्रमुख कारण विदेशी मुद्रा का संरक्षण है, जिसके तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में नागरिकों से सोने की खरीद टालने और गैर-जरूरी आयात कम करने की अपील की थी ताकि कच्चे तेल जैसे आवश्यक सामानों के लिए डॉलर बचाए जा सकें। इसके अतिरिक्त, भारतीय रुपया मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.63 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया था, जिसके बाद आयात शुल्क बढ़ाने का निर्णय लिया गया ताकि डॉलर की मांग कम हो और रुपये को मजबूती मिल सके। भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में भी बड़ी गिरावट देखी गई है, जो फरवरी के $728.49 बिलियन के रिकॉर्ड स्तर से गिरकर मई की शुरुआत में $690 बिलियन पर आ गया है। वहीं, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यवधान के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें $107 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिससे भारत का तेल आयात बिल काफी बढ़ गया है और सरकार को यह सख्त कदम उठाना पड़ा है। सोने-चांदी और प्लेटिनम की नई दरें सरकार द्वारा आयात शुल्क में की गई बढ़ोतरी का सीधा और व्यापक असर कीमती धातुओं की कीमतों पर देखने को मिला है. इस फैसले के तहत न केवल सोने और चांदी, बल्कि प्लेटिनम पर भी आयात शुल्क को 6.4% से बढ़ाकर 15.4% कर दिया गया है। इस घोषणा के तुरंत बाद मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर जबरदस्त उछाल आया, जहाँ सोना 6% से अधिक की तेजी के साथ ₹1,63,000 के स्तर पर पहुँच गया और चांदी की कीमतें ₹2,96,600 तक जा पहुँचीं। goodreturns के रिपोर्ट के अनुसार, राजधानी दिल्ली में भी सोने-चांदी की कीमतों में भारी बढ़त दर्ज की गई, जहाँ सोना ₹13,910 की वृद्धि के साथ ₹1,68,040 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹20,000 की लंबी छलांग लगाकर ₹3,10,000 प्रति किलो के भाव पर पहुँच गई है। आम जनता और बाजार पर असर भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्वर्ण उपभोक्ता है और अपनी अधिकांश मांग आयात से पूरी करता है। सीमा शुल्क में इस वृद्धि का सीधा बोझ ज्वेलर्स ग्राहकों पर डालेंगे, जिससे शादियों के सीजन में आभूषण खरीदना काफी महंगा हो जाएगा। सरकार का लक्ष्य सोने जैसे 'विवेकाधीन आयात' को कम कर विदेशी मुद्रा का उपयोग कच्चे तेल, उर्वरक, रक्षा उपकरण और औद्योगिक कच्चे माल जैसे आवश्यक संसाधनों के लिए करना है। यह कदम सरकार के पिछले बजट (2024-25) के उस फैसले को पूरी तरह पलट देता है जिसमें तस्करी रोकने के लिए ड्यूटी को 15% से घटाकर 6% किया गया था। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: कन्नड़ अभिनेता और निर्माता दिलीप राज का 48 वर्ष की आयु में निधन, पुनीत राजकुमार संग ‘मिलन’ में निभाया था यादगार रोल [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]