यूनिक समय, मथुरा। देश-दुनिया में करोड़ों लोगों के प्रेरणास्रोत और वृंदावन के सुप्रसिद्ध संत श्रद्धेय प्रेमानंद जी महाराज का स्वास्थ्य अचानक बिगड़ गया है। तबीयत खराब होने के चलते महाराज जी की प्रसिद्ध 'रात्रि पदयात्रा' को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। इसके साथ ही राधाकेली कुंज आश्रम द्वारा उनके 'एकांतिक दर्शन' पर भी आगामी आदेश तक रोक लगा दी गई है। यह खबर सामने आते ही देश-विदेश में मौजूद उनके करोड़ों भक्तों और अनुयायियों में चिंता की लहर दौड़ गई है, और सभी लोग महाराज जी के उत्तम स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। तड़के 3 बजे दर्शन के लिए उमड़े थे हजारों भक्त हर दिन की तरह सोमवार तड़के भी देश के कोने-कोने से आए हजारों श्रद्धालु महाराज जी के दर्शन और उनके दिव्य भजनों को सुनने के लिए केली कुंज आश्रम के बाहर और सड़कों के किनारे कतारों में खड़े थे। अमूमन महाराज जी रोज़ तड़के ठीक 3 बजे अपनी पदयात्रा पर निकलते हैं, लेकिन जब तय समय पर महाराज जी बाहर नहीं आए, तो उनकी जगह आश्रम के वरिष्ठ शिष्य लाउडस्पीकर लेकर सड़क पर पहुंचे। शिष्यों ने अनाउंसमेंट करते हुए बेहद भावुक आवाज़ में भक्तों को यह दुखद जानकारी दी। लाउडस्पीकर के माध्यम से घोषणा की गई "आप सभी राधावल्लभी भाई-बहनों और भक्तों से विनम्र निवेदन है कि पूज्य महाराज जी का स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण आज से उनकी रात्रि पदयात्रा अग्रिम आदेश तक रद्द की जा रही है। आप सभी से प्रार्थना है कि कृपया रोड के किनारे खड़े होकर भीड़ न लगाएं और महाराज जी के स्वास्थ्य लाभ के लिए नाम संकीर्तन करें।" इस अचानक हुई घोषणा के बाद सड़क किनारे और आश्रम के बाहर घंटों से इंतजार कर रहे भक्तों को बिना दर्शन किए ही अत्यंत मायूस होकर अपने गंतव्य को लौटना पड़ा। किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं महाराज जी राधाकेली कुंज आश्रम प्रबंधन के मुताबिक, संत प्रेमानंद जी महाराज पिछले 21 वर्षों से किडनी (वृक्क) की बेहद गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। उनकी दोनों किडनियां लंबे समय से पूरी तरह खराब हैं और वे नियमित रूप से डायलिसिस पर रहते हैं। इस बेहद गंभीर शारीरिक पीड़ा के बावजूद महाराज जी की दिनचर्या में कभी कोई कमी नहीं आई। वे रोजाना तड़के 3 बजे केली कुंज आश्रम से सौभरी वन स्थित नए आश्रम के लिए निकलते हैं और करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पैदल चलकर तय करते हैं। इस मार्ग पर उनके दर्शन के लिए आम दिनों में भी प्रतिदिन 20 हजार से अधिक श्रद्धालु जुटते हैं, जबकि वीकेंड (शनिवार-रविवार) और धार्मिक पर्वों पर यह संख्या लाखों पार कर जाती है। आश्रम की अपील आश्रम प्रशासन और चिकित्सकों की टीम ने महाराज जी को पूरी तरह से विश्राम करने की सलाह दी है, ताकि उनके स्वास्थ्य में जल्द सुधार हो सके। आश्रम प्रबंधन ने सभी श्रद्धालुओं और वृंदावन आने वाले यात्रियों से विशेष अपील की है कि वे सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से मिल रही सूचनाओं पर ध्यान दें और दर्शन के लिए आश्रम या परिक्रमा मार्ग पर अनावश्यक भीड़ एकत्र न करें। भक्तों से कहा गया है कि वे जहाँ भी हैं, वहीं से राधा नाम का जप करें और श्री राधावल्लभ लाल से महाराज जी के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की मंगल कामना करें। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura Breaking News: वृंदावन में चौकी के सामने फोन पर बात करने पर दरोगा ने युवक को सरेराह पीटा; वीडियो वायरल [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]