यूनिक समय, नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के बहुचर्चित त्विषा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में शुक्रवार को जबलपुर हाईकोर्ट से एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा आदेश सामने आया है। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मृतका त्विषा शर्मा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम (Re-Postmortem) कराने के साफ आदेश दे दिए हैं। खास बात यह है कि इस बार यह पोस्टमॉर्टम दिल्ली एम्स (AIIMS Delhi) की विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा भोपाल में संपन्न किया जाएगा। इसके साथ ही कोर्ट ने इस हाई-प्रोफाइल मामले से जुड़ी अन्य याचिकाओं पर भी सख्त रुख अपनाया है, जिसके बाद सियासी और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। जबलपुर हाईकोर्ट का बड़ा आदेश शुक्रवार को जबलपुर हाईकोर्ट में त्विषा केस से संबंधित तीन अलग-अलग याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई हुई। इनमें से सबसे मुख्य याचिका त्विषा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की मांग को लेकर थी। हाईकोर्ट ने इस याचिका का अंतिम रूप से निस्तारण करते हुए दोबारा पोस्टमॉर्टम की अनुमति दे दी। सुनवाई के दौरान माननीय न्यायालय ने बेहद संवेदनशील टिप्पणी करते हुए कहा कि दोबारा पोस्टमॉर्टम की पूरी प्रक्रिया के दौरान मृत देह की गरिमा और सम्मान का विशेष व पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब दिल्ली एम्स की टीम द्वारा की गई पोस्टमॉर्टम की नई रिपोर्ट सामने आ जाएगी, उसके बाद ही कोर्ट यह विधिक रूप से तय करेगा कि त्विषा का शव अंतिम संस्कार के लिए किसे सौंपा जाएगा। इससे पहले राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र की रहने वाली त्विषा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद परिजनों को भोपाल जिला एवं सत्र न्यायालय से बड़ा झटका लगा था। दरअसल, गत 13 मई को भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS Bhopal) में त्विषा के शव का पहला पोस्टमॉर्टम किया गया था, लेकिन मृतका के माता-पिता और परिजन उस शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के तथ्यों से बिल्कुल भी सहमत नहीं थे। परिजनों ने सच सामने लाने के लिए भोपाल जिला अदालत में दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की गुहार लगाई थी, जिसे सत्र न्यायालय ने खारिज कर दिया था। जिला कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद न्याय की आस में परिजनों ने जबलपुर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जहाँ से अब उन्हें यह बड़ी राहत मिली है। गौरतलब है कि इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार पहले ही इस संदिग्ध मौत की जांच देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) से कराने की सिफारिश कर चुकी है। सास गिरिबाला सिंह को हाईकोर्ट का नोटिस हाईकोर्ट में शुक्रवार को पेश की गई दूसरी याचिका राज्य सरकार की तरफ से थी, जो त्विषा की सास गिरिबाला सिंह की जमानत को चुनौती देने और उसे रद्द कराने के संबंध में दाखिल की गई थी। इस याचिका पर गंभीरता से सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने आरोपी सास गिरिबाला सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कोर्ट अब इस मामले में आगामी 25 मई को अगली सुनवाई करेगा, जिसमें राज्य सरकार और बचाव पक्ष के बीच तीखी बहस होने की उम्मीद है। समर्थ सिंह के वकीलों ने वापस ली अग्रिम जमानत याचिका इस पूरे घटनाक्रम के बीच तीसरी और बेहद अहम याचिका त्विषा शर्मा के पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) को लेकर लगाई गई थी। कोर्ट का कड़ा रुख भांपते हुए सुनवाई के दौरान समर्थ सिंह के वरिष्ठ वकील मृगेंद्र सिंह ने इस अग्रिम जमानत याचिका को वापस ले लिया। याचिका वापस लेने के बाद आरोपी पति के वकील मृगेंद्र सिंह ने मीडिया को आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि समर्थ सिंह अब कानून का सामना करेंगे और जल्द ही भोपाल के जिला एवं सत्र न्यायालय में खुद को आत्मसमर्पण (Surrender) कर देंगे। सरेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही भोपाल कोर्ट में उनकी नियमित जमानत के लिए नए सिरे से याचिका दायर की जाएगी। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Honda ZR-V Hybrid Launch: लग्जरी फीचर्स के साथ मिलेगा 22.80 kmpl का शानदार माइलेज [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]