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1 जून से एयर इंडिया और इंडिगो की घरेलू उड़ानों में भारी कटौती; मुंबई-दिल्ली समेत कई रूट्स होंगे प्रभावित

by Tarun Bhardwaj • May 27, 2026
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यूनिक समय, नई दिल्ली। भारत में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए आने वाले कुछ महीने बेहद मुश्किल भरे साबित हो सकते हैं। देश की दो सबसे बड़ी विमानन कंपनियों—एयर इंडिया (Air India) और इंडिगो (IndiGo)—ने अपने घरेलू उड़ान नेटवर्क में बड़ी कटौती करने का एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है।

सामने आ रही मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आगामी 1 जून 2026 से अगले 90 दिनों (लगभग तीन महीने) तक दोनों ही एयरलाइंस कई प्रमुख घरेलू रूट्स पर अपनी उड़ानों की संख्या को काफी कम करने जा रही हैं। इस अचानक की गई कटौती के पीछे एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी विमान ईंधन की आसमान छूती कीमतें और गर्मी की छुट्टियों के बाद हवाई यात्रियों की मांग में आई स्वाभाविक कमी को मुख्य वजह बताया जा रहा है।

एयर इंडिया और इंडिगो कम करेगी अपनी उड़ानें

विमानन क्षेत्र के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया अपनी कुल घरेलू उड़ानों में करीब 15 प्रतिशत तक की बड़ी कटौती कर सकती है। वहीं, देश की सबसे बड़ी बजट एयरलाइन इंडिगो भी 5 से 7 प्रतिशत तक अपनी उड़ानों की संख्या को कम करने की पूरी तैयारी में है।

एयरलाइंस का यह कड़ा फैसला ऐसे समय में आया है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल आ रहा है और पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का सीधा और गहरा असर वैश्विक एविएशन सेक्टर पर साफ दिखाई दे रहा है।

कम लोड वाले रूट्स पर संकट

विमानन उद्योग (Airline Industry) से जुड़े विशेषज्ञों और जानकारों का कहना है कि देश के कई प्रमुख शहरों में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतें अब ₹1 लाख प्रति किलोलीटर के ऐतिहासिक स्तर को पार कर चुकी हैं। कुछ समय पहले तक यही कीमतें लगभग ₹80,000 प्रति किलोलीटर के आसपास बनी हुई थीं।

इसके साथ ही, भारत के अलग-अलग राज्यों में विमान ईंधन पर लगने वाली वैट (VAT) की दरें भिन्न होने के कारण एयरलाइंस कंपनियों पर परिचालन लागत (Operating Cost) का दबाव अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया है। यही वजह है कि कंपनियों को अब कम यात्रियों वाले या गैर-लाभकारी रूट्स पर नियमित उड़ानें संचालित करना भारी आर्थिक घाटे का सौदा लग रहा है।

मुंबई-दिल्ली समेत देश के कई मुख्य रूट्स होंगे प्रभावित

सामने आ रही मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एयर इंडिया और इंडिगो द्वारा की जा रही इस कटौती का सबसे बड़ा और सीधा असर देश के दो सबसे बड़े और व्यस्ततम एयरपोर्ट्स—मुंबई और दिल्ली—से संचालित होने वाले हवाई रूट्स पर देखने को मिलेगा। अगर बात मुंबई एयरपोर्ट से प्रभावित होने वाले रूट्स की करें, तो यहाँ से अहमदाबाद, नागपुर, पटना और भोपाल जाने वाली कई महत्वपूर्ण फ्लाइट्स की संख्या में कमी की जाएगी। इसी तरह दिल्ली एयरपोर्ट से प्रभावित होने वाले रूट्स के अंतर्गत दिल्ली से हैदराबाद, बेंगलुरु और कोलकाता के लिए संचालित होने वाली उड़ानों के फेरों (फ्रीक्वेंसी) को घटाया जाएगा।

इन प्रमुख शहरों के अलावा दक्षिण भारत के भी कुछ चुनिंदा घरेलू रूट्स पर उड़ानों की संख्या कम होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। हालांकि, हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए राहत की बात यह है कि एयरलाइंस ने साफ कर दिया है कि किसी भी रूट को पूरी तरह से बंद नहीं किया जा रहा है। कंपनियां केवल उड़ानों की फ्रीक्वेंसी यानी संख्या को कम कर रही हैं, ताकि अपने दैनिक ऑपरेशंस को वित्तीय रूप से संतुलित और मजबूत रखा जा सके।

बुकिंग वेबसाइट से हटाई गईं फ्लाइट्स

यात्रियों को अंतिम समय में एयरपोर्ट पहुंचकर किसी भी तरह की परेशानी या असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए एयरलाइंस ने एहतियाती कदम उठाते हुए प्रभावित उड़ानों को अपनी आधिकारिक बुकिंग वेबसाइटों और ट्रैवल पोर्टल्स से पहले ही हटा दिया है। विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिवर्ष स्कूल और कॉलेज की गर्मी की छुट्टियां खत्म होने के बाद घरेलू हवाई यात्रा की मांग थोड़ी कमजोर पड़ जाती है, जिसे देखते हुए कंपनियां अपनी क्षमता को री-एडजस्ट करती हैं। लेकिन इस बार ईंधन की रिकॉर्ड तोड़ कीमतों ने स्थिति को सामान्य से कहीं ज्यादा गंभीर बना दिया है।

इसके साथ ही, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में की गई कटौती का असर भी अब घरेलू नेटवर्क पर दिखने लगा है। पहले देश के छोटे शहरों से कई कनेक्टिंग यात्री घरेलू फ्लाइट्स के जरिए दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े हब एयरपोर्ट्स पर पहुंचते थे और वहां से विदेशों के लिए उड़ान भरते थे। लेकिन अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क कमजोर होने की वजह से अब ऐसे घरेलू कनेक्टिंग यात्रियों की संख्या में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है।

यात्रियों की जेब पर बढ़ेगा अतिरिक्त बोझ

एविएशन सेक्टर के जानकारों ने चेतावनी दी है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार और देश के भीतर ATF की कीमतों में जल्द ही गिरावट नहीं आई, तो आने वाले दिनों में घरेलू उड़ानों के टिकटों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। उड़ानों की संख्या कम होने और मांग के अनुपात में सीटें घटने से ‘लास्ट मिनट’ हवाई टिकट काफी महंगे हो सकते हैं, जिसका सीधा असर आम यात्रियों की जेब पर पड़ेगा। फिलहाल, दोनों बड़ी एयरलाइंस, एयर इंडिया और इंडिगो अपने दैनिक खर्चों को नियंत्रित करने, वित्तीय नुकसान को रोकने और अपने नेटवर्क को स्थिर बनाए रखने के लिए ही इस रणनीतिक कदम को उठा रही हैं।

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