यूनिक समय, नई दिल्ली। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और अवामी लीग की प्रमुख शेख हसीना ने ईद-उल-अजहा (बकरीद) के पावन मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं संदेश जारी किया है। लेकिन इस बार उनका यह बधाई संदेश पूरी तरह राजनीतिक रंग में रंगा नजर आया। शेख हसीना ने देश की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार यह त्योहार एक ऐसे समय पर आया है, जब बांग्लादेश के लोग बेहद गहरे संकट और एक बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। अवामी लीग ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर उनका यह विस्तृत संदेश साझा किया है, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री ने देश की जनता के 'दर्द और पीड़ा' पर गहरा अफसोस जताया है। २१ महीनों से जारी है हिंसा और झूठे मुकदमों का दौर: शेख हसीना अपने संदेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 21 महीनों से अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं को लगातार सुनियोजित हिंसा, जानलेवा हमलों और झूठे मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी के कई वरिष्ठ और जमीनी नेता अब भी जेलों में बंद हैं। शेख हसीना ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में सिर्फ राजनीतिक कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि देश के आम नागरिक और निर्दोष लोग भी भारी मानसिक और आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने शासन व्यवस्था को हर मोर्चे पर विफल बताया। अर्थव्यवस्था पर जताई चिंता पूर्व मुख्यमंत्री ने देश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था और कमजोर होती आर्थिक स्थिति पर सरकार को घेरते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि देश इस समय गंभीर स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है और सही इलाज न मिलने के कारण सैकड़ों मासूम बच्चे खसरे (Measles) जैसी बीमारी की वजह से काल के गाल में समा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने देश में असुरक्षा के माहौल पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बर्बर हिंसा का दौर लगातार जारी है और उनके साथ जबरदस्ती की वारदातें दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। आर्थिक बदहाली का जिक्र करते हुए उन्होंने साफ तौर पर आरोप लगाया कि देश की कानून-व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है और लगातार कमजोर होती अर्थव्यवस्था ने पूरे देश को गर्त में धकेल दिया है। शेख हसीना ने आगे कहा कि ईद-उल-अजहा का पवित्र त्योहार हमें त्याग, बलिदान और समर्पण का संदेश देता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि त्योहार की यही पावन भावना देश के नागरिकों को इस कठिन और प्रतिकूल समय में भी हिम्मत के साथ आगे बढ़ने की शक्ति देगी। उन्होंने देशवासियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यह त्योहार हमें हमेशा सच्चाई के रास्ते पर चलने और देश हित में हर जरूरी त्याग के लिए तत्पर रहने की ताकत प्रदान करता है। अवामी लीग का आरोप अवामी लीग ने भी हाल ही में एक बयान जारी कर आरोप लगाया था कि पार्टी से जुड़े लोगों पर हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और पूरे देश में भय व हिंसा का माहौल बना हुआ है। पार्टी का कहना है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम जनता के बीच असुरक्षा की भावना लगातार गहराती जा रही है। अवामी लीग के अनुसार, जमीनी सच्चाई यह है कि जिस किसी भी शख्स का संबंध हमारी पार्टी से है, भले ही उसने कोई गलत काम न किया हो, उसे जानबूझकर निशाने पर लिया जा रहा है। पार्टी ने इसी महीने की शुरुआत में दावा किया था कि साल 2026 में भी पिछले वर्ष 2025 की ही तरह महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसक वारदातों में भारी वृद्धि दर्ज की गई है, जो सीधे तौर पर वर्तमान सरकार की सबसे बड़ी असफलता को दर्शाता है। हिंसा के पीछे व्यापक संस्थागत विफलता का सीधा आरोप लगाते हुए अवामी लीग ने तीखे लहजे में कहा कि यह अब सिर्फ कोई ‘महिलाओं का मुद्दा’ नहीं रह गया है, बल्कि यह देश की पूरी शासन व्यवस्था, न्याय प्रणाली और देश के नैतिक चरित्र में आ चुकी भारी गिरावट का एक साफ और डरावना संकेत है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Anik Dutta: बंगाली सिनेमा के दिग्गज फिल्ममेकर अनिक दत्ता का रहस्यमयी हालात में निधन; पुलिस जांच में जुटी [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]